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योगी सरकार का महिला कर्मचारियों का बड़ा तोहफा, मैटरनिटी लीव के नियमों में किया बदलाव

Published: Wed, 02 Sep 2026 07:43 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब दो ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ।

सीएम योगी आदित्यनाथ।

HighLights

  1. प्रसूति अवकाश के लिए दो वर्ष की अनिवार्यता समाप्त।

  2. महिला कर्मचारी अब बिना अंतर के ले सकेंगी छुट्टी।

  3. नियम मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट के अनुरूप किए गए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश के नियमों में अहम बदलाव करते हुए पिछली प्रसूति छुट्टी समाप्त होने के बाद अगली प्रसूति छुट्टी के लिए दो वर्ष की अनिवार्य अवधि की शर्त समाप्त कर दी है। इससे अब दो प्रसूति के बीच दो वर्ष का अंतर न होने पर भी पात्र महिला कर्मचारी प्रसूति अवकाश ले सकेंगी।

महिला सरकारी कर्मियों को उनकी संपूर्ण सेवाकाल में दो बार तक, एक बार में 180 दिन का प्रसूति अवकाश मिलता है। हालांकि नियम में यह प्रविधान था कि प्रसूति अवकाश तब तक स्वीकृत नहीं किया जाएगा, जब तक पिछली प्रसूति छुट्टी समाप्त होने की तारीख से कम से कम दो वर्ष की अवधि पूरी न हो जाए।

कठिनाइयों का निराकरण करने का उद्देश्य

प्रदेश सरकार ने अब इस दो वर्ष की अनिवार्यता वाले प्रविधान को खत्म करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे प्रसूति अवकाश नियम को मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट, 1961 के नियम-27 के अनुरूप करने और महिला सरकारी कर्मचारियों को आ रही कठिनाइयों का निराकरण करने का उद्देश्य बताया गया है।

नए संशोधन के बाद महिला कर्मचारियों को उनकी संपूर्ण सेवा अवधि में दो बार तक अनुमन्य 180 दिन का प्रसूति अवकाश लेने के लिए पिछली प्रसूति छुट्टी के बाद दो वर्ष की अवधि पूरी होने का इंतजार नहीं करना होगा।

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वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। सरकार ने संबंधित अवकाश नियमों में भी आवश्यक संशोधन किए जाने की बात कही है।