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    योगी सरकार बनाएगी 600 'ड्रीम लैब्स', बच्चे सीखेंगे रोबोटिक्स और AI; उत्तर प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों का बदलेगा चेहरा

    Updated: Sat, 23 May 2026 07:55 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने 600 सरकारी स्कूलों में 'ड्रीम लैब्स' स्थापित करने के लिए नेल्को लिमिटेड और अन्य औद्योगिक समूहों के साथ समझौता किया है। यह पहल छा ...और पढ़ें

    यूपी के 600 स्कूलों में 'ड्रीम लैब्स' से छात्र सीखेंगे रोबोटिक्स और AI

    यूपी के 600 स्कूलों में 'ड्रीम लैब्स' से छात्र सीखेंगे रोबोटिक्स और AI

    HighLights

    1. 600 सरकारी स्कूलों में 'ड्रीम लैब्स' की स्थापना।

    2. छात्र सीखेंगे रोबोटिक्स, AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी।

    3. नेल्को लिमिटेड संग 5 साल का साझेदारी मॉडल।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को भविष्य की आवश्यकताओं और ग्लोबल मार्केट के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र अब सिर्फ पारंपरिक किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक विधाओं में भी पारंगत होंगे। इसी कड़ी में समग्र शिक्षा (माध्यमिक) विभाग ने शनिवार को लखनऊ में टाटा एंटरप्राइज की कंपनी 'नेल्को लिमिटेड' एवं अन्य अग्रणी औद्योगिक समूहों के साथ एक बड़े समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    600 स्कूलों में स्थापित होंगी 'ड्रीम लैब्स'

    इस ऐतिहासिक समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक 'ड्रीम लैब्स' (डिज़ाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) की स्थापना की जाएगी। यह समझौता ज्ञापन अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा और स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल महज एक सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को 'इंडस्ट्री 4.0' के दौर के लिए तैयार करने का एक बड़ा माध्यम बनेगी।

    तीन चरणों में लागू होगा 'हब एंड स्पोक' मॉडल

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'हब एंड स्पोक' मॉडल के आधार पर लागू किया जाएगा, जिसमें कुल 150 हब और 450 स्पोक विद्यालय शामिल हैं। पूरी योजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिसके तहत प्रथम चरण में 72 विद्यालय, दूसरे चरण में 144 विद्यालय और अंतिम चरण में 384 विद्यालयों में इन एडवांस लैब्स को स्थापित किया जाएगा। महानिदेशक मोनिका रानी ने इस अवसर पर विशेष रूप से आकांक्षी जिलों में योजना की परिणाम आधारित निगरानी और छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल दिया।

    छात्रों को मिलेगा इन अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान

    इन 'ड्रीम लैब्स' को आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3D प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण, बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन (EV), नवीकरणीय ऊर्जा, और डिज़ाइन थिंकिंग जैसी फ्यूचरिस्टिक तकनीकों का लाइव और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और 'स्किल इंडिया मिशन' के अनुकूल तैयार की गई यह योजना छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर उनमें समस्या समाधान और उद्यमिता कौशल को विकसित करेगी।

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    5 साल का पार्टनरशिप मॉडल; ग्लोबल कंपनियों का मिला साथ

    यह पूरी परियोजना पांच साल के पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित है, जिसमें नेल्को लिमिटेड के नेतृत्व वाला औद्योगिक समूह स्कूलों को अत्याधुनिक मशीनरी, सॉफ्टवेयर और रखरखाव की सुविधा देगा। इतना ही नहीं, उद्योग जगत के विशेषज्ञ स्वयं आकर छात्रों को ट्रेनिंग देंगे और शिक्षकों की क्षमता का भी निर्माण करेंगे। इस प्रोजेक्ट में यास्कावा, मास्टरकैम, 3डी सिस्टम्स और अज्नालेंस जैसी वैश्विक टेक कंपनियों ने भी भागीदारी की है, जिससे उत्तर प्रदेश आने वाले समय में एक कुशल, आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर होगा।