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उत्तर प्रदेश के चार जिलों में बढ़ी सिंचाई क्षमता, 40 हजार किसानों को मिलेगा लाभ

Published: Tue, 18 Aug 2026 10:12 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 96,250 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ने से महराजगंज, कन्नौज, उन्नाव और ललितपुर के 40 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के किसानों को उपज के समय नहरों में पानी उपलब्ध कराने के लिए चल रही सिंचाई की परियोजनाएं तेजी से पूरी करायी जा रही हैं। इस साल 96,250 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता बढ़ने से महराजगंज, कन्नौज, उन्नाव एवं ललितपुर के 40 हजार किसानों को लाभ होगा। दावा किया गया है कि इससे किसानों को समय सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सभागार में नई एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।

बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्ण परियोजनाओं से जहां 39,250 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई। मध्यगंगा द्वितीय चरण परियोजना में चंदौसी शाखा के गैप्स पूरे होने से 57,000 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई। जिससे कुल 96,250 हेक्टेयर सिंचन क्षमता बढ़ी है।

विभागीय प्रस्तुतिकरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत 1070 नई एवं पूर्व संचालित कार्यों के लिए शासन ने प्रथम किश्त के रूप में 2380.69 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी, जिनमें से 576.41 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं।

इस साल बाढ़ परियोजनाओं के लिए 1009.99 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति हुयी है, जिसमें से 244 बाढ़ परियोजनाएं पूर्ण होने का दावा किया गया। मंत्री ने निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराये जाएं। सरकार का उद्देश्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराना है।

अभियंताओं ने दावा किया कि महराजगंज में रोहिनबैराज के निर्माण, कन्नौज के तालग्राम एवं जलालाबाद (डार्क जोन) में सिंचाई की नवीन नहर परियोजना, चौधरी चरण सिंह डलमऊ‘बी’ पंप नहर प्रणाली की क्षमता पुनर्स्थापना, कचनौंदा बांध के अवशेष कार्यों की परियोजनाएं पूरी हो गयी हैं।