अब ITI की तीसरी शिफ्ट में भी होंगे एडमिशन, बढ़ेंगी डेढ़ लाख सीट; यूपी के युवाओं को मिलेंगे अधिक अवसर
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता प्रशिक्षण महानिदेशालय ने आईटीआई में तीसरी शिफ्ट बंद करने का निर्णय वापस ले लिया है। इससे प्रदेश के 3,300 संस्थानों में 1.5 ल ...और पढ़ें

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HighLights
आईटीआई में तीसरी शिफ्ट बंद करने का निर्णय वापस।
प्रदेश में 1.5 लाख नई सीटों पर प्रवेश की अनुमति।
कौशल विकास महानिदेशालय ने दी 2026-27 सत्र को छूट।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। नौकरी के साथ पढ़ाई करने वाले कामगारों के लिए अच्छी खबर है। उद्योगों से प्रशिक्षण का करार न होने से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में तीसरी शिफ्ट बंद करने का निर्णय वापस हो गया है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता प्रशिक्षण महानिदेशालय के इस साल छूट देते हुए राजधानी की 40 संस्थानों समेत प्रदेश के कुल 3,300 संस्थानों में करीब डेढ़ लाख सीटों पर नए वर्ष 2026-27 में प्रवेश की अनुमति दे दी है। प्रवेश प्रक्रिया 12 जुलाई से चल रही है।
अलीगंज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान समेत प्रदेश के निजी और स्ववित्तपोषित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों के साथ करार कर ड्यूल सिस्टम आफ ट्रेनिंग (डीएसटी) लागू करना अनिवार्य किया गया था। दो साल पहले इसके लिए तीसरी शिफ्ट का संचालन की अनुमति भी दी गई थी।
दो वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश संस्थानों ने उद्योगों से समझौता नहीं
इस व्यवस्था में विद्यार्थियों को 30 प्रतिशत प्रशिक्षण संस्थान में और 70 प्रतिशत प्रशिक्षण संबंधित उद्योगों में दिया जाना था, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिल सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। दो वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश संस्थानों ने उद्योगों से समझौता नहीं किया।
इसके चलते शिफ्ट को बंद कर दिया गया था। प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि महानिदेशालय से छूट देने का अनुरोध किया गया था जिसे बहाल करते हुए अनुमति दी है। संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण मयंक गंगवार ने बताया कि महानिदेशालय के आदेश की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।