UP के कैदियों को अवसाद से बचाएगा जेल प्रशासन, आत्महत्या रोकने के लिए किया जाएगा जागरूक
राज्य की जेलों में बंदियों को आत्महत्या से रोकने के लिए काउंसलिंग की सुविधा को नियमित किया जाएगा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की महानिदेशक ने जेलों में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बंदियों में आत्महत्या रोकने को नियमित होगी काउंसलिंग सुविधा।
मानवाधिकार आयोग ने मानसिक स्वास्थ्य सुधार पर दिया जोर।
जेल मुख्यालय ने एआई निगरानी कक्ष का किया निरीक्षण।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य की जेलों में बंदियों को आत्महत्या से रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसे लेकर जेल मुख्यालय द्वारा बंदियों के लिए काउंसलिंग की सुविधा को और नियमित किया जाएगा। बुधवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की महानिदेशक (अन्वेषण) डा. अनुपमा निलेकर चंद्रा ने जेल मुख्यालय का भ्रमण किया।
उन्होंने जेल महानिदेशक पीसी मीना के साथ जेलों में मानवाधिकार संरक्षण, बंदियों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं कारागार सुधारों से संबंधित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। बैठक में जेल अधिकारियों ने बंदियों के स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, विधिक सहायता, कौशल विकास, ई-प्रिजन्स प्रणाली व अन्य सुधारात्मक उपायों की जानकारी प्रस्तुत की।
मानवाधिकार आयोग की महानिदेशक ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि राज्य की जेलों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ साझा किया जाए। इसके उपरांत उन्होंने कारागार मुख्यालय के एआइ आधारित एकीकृत निगरानी एवं नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया।
उन्होंने कारागार संग्रहालय में संरक्षित ब्रिटिशकालीन अभिलेखों एवं विभाग की ऐतिहासिक विरासत का भी अवलोकन किया। साथ ही ‘एक जेल-एक उत्पाद’ गैलरी का भ्रमण किया।
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