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यूपी के 200 मदरसों में चल रही मनमानी, आदेश के बाद भी नहीं लग रही बायोमीट्रिक हाजिरी; प्रबंधकों को नोटिस जारी

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:39 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के 200 अनुदानित मदरसों में तीन माह बाद भी आधार आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू नहीं हो पाई ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. 200 अनुदानित मदरसों में बायोमीट्रिक उपस्थिति अभी तक शुरू नहीं।

  2. मदरसा शिक्षा परिषद ने प्रबंधकों से जवाब तलब किया है।

  3. सरकार का लक्ष्य अक्टूबर तक शत-प्रतिशत बायोमीट्रिक उपस्थिति कराना।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के अनुदानित मदरसों में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की आधार आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था तीन माह बाद भी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। राज्य के 558 अनुदानित मदरसों में करीब 200 में अभी तक बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू नहीं हुई है। इसे लेकर मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने संबंधित मदरसों के प्रबंधकों से जवाब तलब किया है।

अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर और राज्य मंत्री दानिश आजाद की मौजूदगी में 23 मई को हुई समीक्षा बैठक में अनुदान पर संचालित मदरसों में आधार आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रभावी रूप से लागू कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार ने 11 जून को सभी मदरसा प्रबंधकों को व्यवस्था लागू करने के संबंध में बिंदुवार दिशा-निर्देश जारी किए।

निर्देशों में कहा गया था कि जिन मदरसों में बायोमीट्रिक प्रणाली क्रियाशील नहीं है या आंशिक रूप से संचालित है, वहां आवश्यक उपकरण स्थापित कर व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराई जाए। छात्र-छात्राओं के मदरसा आने और जाने, दोनों समय की उपस्थिति दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए थे।

कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी

जिला स्तर पर व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक बाधाओं का समयबद्ध निराकरण कराने के निर्देश भी दिए गए थे। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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इसके बावजूद करीब 200 मदरसों में बायोमीट्रिक उपस्थिति शुरू नहीं हो सकी है। अब परिषद ने संबंधित प्रबंधकों से जवाब मांगा है। विभाग ने अक्टूबर में सभी अनुदानित मदरसों में शत-प्रतिशत बायोमीट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने का लक्ष्य रखा है।

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राज्य मंत्री दानिश आजाद ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बायोमीट्रिक उपस्थिति इसी व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिन अनुदानित मदरसों में अभी तक बायोमीट्रिक उपस्थिति नहीं ली जा रही है, वहां के प्रबंधकों को नोटिस जारी कराए जा रहे हैं।