यूपी चुनाव की तैयारियों में सड़कें और पुल-पुलिया बनवाने में जुटें विधायक, PWD के लगा रहे चक्कर
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के विधायक अपने क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग पर दबाव बना रहे हैं।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
विधायक चुनाव से पहले सड़कों-पुलों के निर्माण में जुटे।
मुख्यमंत्री ने 30 हजार करोड़ की कार्ययोजना को मंजूरी दी।
मानसून के बाद युद्धस्तर पर शुरू होगा निर्माण कार्य।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अगले वर्ष होने वाला विधान सभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश के विधायकों ने पूरा ध्यान क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी कराने पर केंद्रित कर दिया है। अधिक से अधिक सड़कें व पुल-पुलियों का काम शुरू हो जाए इस प्रयास में जुट गए हैं। इसके लिए विधायक हर स्तर पर प्रयासरत हैं।
नई सड़कों व पुल-पुलियों को बनाने का प्रस्ताव देने के बाद विधायकों ने अब लोक निर्माण विभाग मुख्यालय से लेकर प्रमुख सचिव के दफ्तर तक भागदौड़ तेज कर दी है।
चुनिंदा योजनाओं का काम जल्द से जल्द शुरू कराने का दबाव बना रहे हैं। उच्चाधिकारियों से बोल रहे हैं कि चुनाव के मद्देनजर अमुक सड़क का काम जल्द शुरू किया जाना जरूरी है।
विधायकों के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कें व पुल पुलिया बनाए जाने की कार्ययोजना को अनुमोदित किया है।
विधायकों से सड़कें व पुल पुलियों को बनाने का प्रस्ताव लिए जाने के बाद जिलों की कार्ययोजना जो शासन तक पहुंची उसकी लागत लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये थी।
इनमें से विधान सभा क्षेत्रवार शीर्ष प्राथमिकता वाली 30 हजार करोड़ की योजनाएं अनुमोदित की गई हैं। सत्ता पक्ष के प्रत्येक विधायक के प्रस्ताव पर इस वर्ष लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें व पुल पुलिया बनाए जाने का काम पीडब्ल्यूडी करेगा।
कार्ययोजना अनुमोदित हो जाने के बाद भी कुछ विधायक पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से महज इसलिए मिलने आ रहे हैं ताकि वे कुछ नए प्रस्ताव को प्राथमिकता में शामिल करा सकें। इस तरह के जितने प्रस्ताव विभाग को मिल रहे हैं, सभी प्रस्ताव शासन भेजे जा रहे हैं।
खास प्राथमिकता वाली सड़कों का काम जल्द शुरू हो इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू करने का दबाव भी अधिकारियों पर है। विधायक व्यक्तिगत मुलाकात के साथ ही टेलीफोन के माध्यम से भी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
कार्ययोजना मुख्यमंत्री ने अनुमोदित कर दिया है इसलिए विभाग के स्तर पर इसमें कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता है। फिर भी माननीयों के सम्मान में विभाग उनसे प्रस्ताव लेकर विचार के लिए शासन को बढ़ा रहा है।
पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के मुताबिक माननीयों ने प्रस्ताव पर तैयार कार्ययोजना को मुख्यमंत्री ने अनुमोदित कर दिया है। अगले 15 दिनों में योजनाएं स्वीकृत कर दी जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर वर्षा ऋतु समाप्त होने पर योजनाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा।
