Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 19 लोगों की मौत, नदियां उफान पर

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 05:30 AM (IST)

    मानसून के रौद्र रूप के कारण उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से 19 लोगों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने लखनऊ सहित 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और ...और पढ़ें

    यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

    यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

    HighLights

    1. प्रदेश में बारिश और वज्रपात से 19 लोगों की जान गई।

    2. बुलंदशहर, गाजियाबाद, पूर्वांचल में कई हादसे हुए।

    3. 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।

    जागरण टीम, लखनऊ। प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को बारिश के कारण हुए हादसे और वज्रपात से प्रदेश में 19 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि गाजियाबाद में घर के बाहर जल भराव में डूबकर तीन वर्षीय बच्ची और नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।

    वहीं, पूर्वांचल के चार जिलों में वज्रपात से सात लोगों की मौत हो गई। लगातार हो रही बारिश से कई जिले जलमग्न हो गए हैं, नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

    वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के समीप पहुंच चुका है। इसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश पर दिखने लगा है। यही वजह है कि पूरब से पश्चिम तक झमाझम बारिश हो रही है। अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।

    गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि

    सबसे अधिक असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में मूसलधार बारिश से सड़कें पानी में डूब गईं। बिजनौर और सहारनपुर के दर्जनों गांवों का संपर्क कस्बों से टूट गया है। गंगा और यमुना के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

    खबरें और भी

    बुलंदशहर के मुंडाखेड़ा गांव में दीवार गिरने से पूरा परिवार दब गया। हादसे में दंपती और एक बच्चे की मौत हो गई, तीन सदस्य घायल हैं। गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र में नाले में गिरने से सात वर्षीय शाद, विजयनगर में जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय पल्लवी, इंदिरापुरम में करंट लगने से चौकीदार नरेंद्र काछी और निवाड़ी में दीवार गिरने से कामगार रंजीत राय की जान चली गई।

    वहीं, हापुड़ के पिलखुवा में कच्चे मकान की छत गिरने से अशफाक की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा घायल हो गया। शामली के थानाभवन में बरसात से गिरी दीवार में दबकर आरा मशीन संचालक की जान चली गई। बिजनौर में तालाब का पानी सड़क पर आने के कारण रास्ते का अंदाजा न होने से एक व्यक्ति डूब गया।

    जलभराव के कारण मेरठ-पौड़ी हाईवे बंद कर दिया गया, जबकि मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में 12वीं तक के सभी स्कूल शुक्रवार के लिए बंद कर दिए गए हैं। पूर्वांचल में वज्रपात सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हुआ। संतकबीरनगर में धान की रोपाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई।

    बस्ती में दो किशोरियों की बिजली गिरने से जान चली गई। सिद्धार्थनगर में खेत में काम कर रहे किसान और कुशीनगर में सब्जी तोड़ने गए एक किशोर की भी वज्रपात से मृत्यु हो गई। वहीं, सोनभद्र में बारिश में छत पर नहा रहे एक युवक की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।

    किस जिले में हुई कितनी बारिश?

    बलरामपुर में भी बारिश के दौरान वज्रपात से एक किशोर की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बिजनौर में सर्वाधिक 306 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी, आगरा में 146 मिमी, मेरठ में 137 मिमी, शाहजहांपुर में 135.2 मिमी, मुजफ्फरनगर में 126.8 मिमी और बुलंदशहर में 125.4 मिमी बारिश हुई।

    प्रयागराज, मुरादाबाद, अमरोहा, कानपुर और बांदा में भी दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही। लगातार हो रही बारिश के कारण 26.1 डिग्री सेल्सियस के साथ मेरठ में सबसे ठंडा दिन रहा, जबकि 26.2 डिग्री सेल्सियस के साथ अलीगढ़ दूसरे नंबर पर है।

    लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। करीब 40 जिलों में दिन का तापमान रात जैसा रहा। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा।

    यह भी पढ़ें- यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 IAS अधिकारियों के तबादले; देखें पूरी लिस्ट