यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार ने इस फसल पर दी 45 रुपये किलो की छूट
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए योगी सरकार ने खुशखबरी दी है। हरी खाद की उपयोगिता को लेकर जागरूक हुए किसानों के लिए राज्य सरकार ने ढैंचे पर 50 प्रतिशत क ...और पढ़ें

HighLights
- योगी सरकार कर रही किसानों को प्रोत्साहित
- 90 रुपये प्रति किलोग्राम है बीज की कीमत
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ढैंचे की खूबियों के मद्देनजर योगी सरकार किसानों को इन्हें बोने के लिए न सिर्फ प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि 45 रुपये प्रति किलो का अनुदान भी दे रही है। ढैंचे के बीज की कीमत 90 रुपये प्रति किलोग्राम है, इस पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।
अनुदान व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार पीओएस मशीन के माध्यम से ढैंचा के बीज पर ‘ऐट सोर्स’ सब्सिडी दी जा रही है। पहले अनुदान की राशि किसानों के खाते में भेजी जाती थी, अब सिर्फ आधी कीमत देने पर ही कृषकों को बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उपयोगिता को लेकर जागरूक हुए किसान
पूर्व उप निदेशक भूमि संरक्षण डाॅ. अखिलानंद पांडेय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से किसान हरी खाद की उपयोगिता को लेकर जागरूक हुए हैं। इसी वजह से इनके ढैंचा बीजों की मांग भी बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि ढैंचा की फसल की जड़ों में ऐसे जीवाणु होते हैं जो हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में स्थिर कर देते हैं। इसका लाभ अगली फसल को मिलता है।
इफको के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक डा. डीके सिंह के अनुसार अगर हरी खाद के लिए ढैंचा बोया गया है तो फसल की पलटाई बोआई के लगभग छह से आठ सप्ताह बाद फूल आने से पहले कर लें। फसल का जल्दी डीकंपोजिशन (सड़न) हो, इसके लिए फसल पलटने के बाद और सिंचाई के पहले प्रति एकड़ पांच किलोग्राम यूरिया का छिड़काव भी कर सकते हैं।