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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    FIR on Retired IAS: यूपी में रिटायर्ड IAS पर क्यों दर्ज हुआ मुकदमा? 20 साल पुराने दोस्त ने लगाए हैं गंभीर आरोप

    By Shivam YadavEdited By: Shivam Yadav
    Updated: Mon, 11 Sep 2023 08:06 PM (IST)

    राजधानी लखनऊ में कोर्ट के आदेश पर एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। देश में सबसे उच्च और ईमानदार श्रेणी मे ...और पढ़ें

    मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच भी करने में जुट गई है।
    मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच भी करने में जुट गई है।

    HighLights

    1. रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर के खिलाफ लूट, धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज
    2. दोस्त ने ही की है शिकायत, रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर आरोपों को नकारा

    लखनऊ, जागरण ऑनलाइन डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोर्ट के आदेश पर एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। देश में सबसे उच्च और ईमानदार श्रेणी में आने वाले ओहदे पर सेवा दे चुके व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगने के बाद से मामला काफी सुर्खियों में बना है। वहीं, मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच भी करने में जुट गई है। आइए जानते हैं कि सेवानिवृत्त आईएएस राजेंद्र सिंह पर क्यों मुकदमा दर्ज किया गया है-

    जानकारी के मुताबिक, लखनऊ की अलीगंज कोतवाली में सेवानिवृत्त आईएएस राजेंद्र सिंह और उनके तीन साथियों के खिलाफ लूट, जानलेवा हमला और जमीन के नाम पर 42.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। शिकायत देने वाला कोई और नहीं बल्कि राजेंद्र सिंह का एक पुराना दोस्त है। राजेंद्र और शिकायतकर्ता के बीच 20 साल पहले दोस्ती हुई थी।

    यहां समझिए पूरा मामला

    शिकायतकर्ता दोस्त ने आरोप लगाया है कि शासन में तैनाती के दौरान वर्ष 2019 में राजेंद्र ने कल्ली पश्चिम स्थित सीलिंग की 14 बीघा, 15 बिस्वा कीमती जमीन का बिक्री आदेश कराने का झांसा देकर रुपये ऐंठे थे। उधर, पूर्व आईएएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। जांच में सामने आ जाएगा।

    सीलिंग की जमीन बिकवाने का दिया झांसा

    बताया गया कि महानगर निवासी राजेंद्र सिंह व पीड़ित अवधेश श्रीवास्तव गोमती नगर विकल्प खंड के रहने वाले हैं। अवधेश के मुताबिक, राजेंद्र सिंह से उनकी मुलाकात 2004 में हुई, राजेंद्र ने शासन में तैनाती के दौरान उन्हें प्रलोभन दिया था कि कल्ली पश्चिम में सीलिंग की 14 बीघा, 15 बिस्वा जमीन का बिक्री आदेश करा देंगे। इसके लिए 50 लाख रुपये मांगे थे।

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    चेक दिया पर बाउंस हो गया 

    दो बार में खाते और नकदी के माध्यम से 42.50 लाख रुपये दिए, लेकिन राजेंद्र जमीन का बिक्री आदेश नहीं करा सके। दबाव बनाने पर उन्होंने एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद, अलीगंज पुरनिया में सारा रुपया देने का झांसा देकर बुलाया। राजेंद्र व उनके दो साथियों ने चेक फाड़ दिया और मारपीट करके असलहा लहराते भाग निकले। 

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    पुलिस ने नहीं की सुनवाई तो खटखटाया अदालत का दरवाजा

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, अलीगंज कोतवाली पुलिस ने सुनवाई नहीं की तब अवधेश ने न्यायालय में अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश मिलने पर अलीगंज पुलिस ने आरोपी राजेंद्र सिंह और उनके तीन साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

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