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यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय हुआ दोगुना, कंपनियों की मनमानी और कटौती पर लगी रोक

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:45 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यूपीकास (UPCAS) का शुभारंभ किया, जिससे उनका मानदेय लगभग दोगुना ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपीकास के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय दोगुना हुआ।

  2. कंपनियों की मनमानी, वेतन कटौती पर अब लगेगी रोक।

  3. कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के लगभग 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार ने अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने का दावा किया है, जिसमें न बिचौलिये मानदेय में कटौती कर सकेंगे और न ही आउटसोर्स कंपनी मनमानी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) का शुभारंभ करते हुए कहा कि आउटसोर्स कंपनियां अब कर्मचारियों के मानदेय से एक भी पैसा नहीं काट सकेंगी।

कंपनी का सर्विस चार्ज सरकार अलग से देगी। किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से नौकरी से निकालना भी आसान नहीं होगा। इसके लिए पहले सरकार को सूचना देनी होगी और मामले की जांच के बाद ही निर्णय होगा। आउटसोर्सिंग पर तैनात प्रत्येक कार्मिक के बैंक खाते में महीने की पांच तारीख तक मानदेय की राशि भेज दी जाएगी।

इसके साथ ही सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय भी लगभग दोगुणा कर दिया है।लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूपीकास के लोगो का अनावरण तथा उसके पोर्टल व वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए कहा कि अब आउटसोर्स कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी। कोई कंपनी कर्मियों का अनावश्यक उत्पीड़न और शोषण नहीं कर सकेगी।

कर्मचारियों की भविष्य निधि यानी ईपीएफ का पैसा भी उनके नाम पर ही सुरक्षित रहेगा। कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआइ) से इलाज मिलेगा। अगर यहां सही इलाज नहीं मिला तो इन्हें भी पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा आयुष्मान योजना से प्रदान करेंगे।

सरकार साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों के करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में स्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी मेहनत से प्रदेश आगे बढ़ा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें उनकी गरिमा के अनुरूप सम्मान और सुरक्षा मिले। यूपीकास इसी गरिमा और गौरव को स्थापित करने का प्रयास है।

सरकार की कोशिश है कि कर्मचारी को यह भरोसा हो कि वह व्यवस्था में अकेला नहीं है और उसके साथ अन्याय होने पर शिकायत सुनने तथा कार्रवाई का तंत्र मौजूद है। कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल भी रहेगा। उन्होंने कर्मियों को बढ़ा मानदेय के चेक भी प्रदान किए।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मानदेय में शत-प्रतिशत की वृद्धि हुई है, अब कर्तव्यपालन में कोई कमी मत कीजिएगा। ब्रजेश पाठक ने आउटसोर्स कर्मियों से कहा कि आगामी चुनाव में किसी के बहकावे में नहीं आइएगा और फिर से भाजपा की सरकार बनाइयेगा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।

दुर्घटना बीमा में स्वजन को मिलेंगे 20 से 50 लाख रुपयेकार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के साथ दुर्घटना बीमा के लिए समझौता भी हुआ। कर्मचारियों का खाता जीरो बैलेंस पर एसबीआई में खुलेगा। आपदा या दुर्घटना में मृत्यु होने पर कर्मचारियों के स्वजन को 20 से 50 लाख रुपये तक उनके वेतन व श्रेणी के अनुसार मिलेंगे।

अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख की सहायता मिलेगी। आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये, कर्मी की मृत्यु होने पर पुत्र व पुत्रियों की शिक्षा के लिए आठ से 10 लाख व दो पुत्रियों की शादी के लिए भी आठ से 10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

कार्मिक की मृत्यु होने निगम उसके स्वजन को बैंक से 50 हजार रुपये तत्काल मुहैया कराएगा। सैफई और रामपुर के बाद अब आउटसोर्स एजेंसी सिंडिकेट तोड़ामुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। कहा कि पहले सैफई और रामपुर के सिंडिकेट पूरी व्यवस्था का खून चूसते थे।

सरकार ने दो प्रहार कर इन सिंडिकेट को पूरी तरह समाप्त किया और अब तीसरा प्रहार आउटसोर्स कार्मिकों का शोषण करने वाले एजेंसी सिंडिकेट पर किया जा रहा है। 2017 से पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय रखी गईं आउटसोर्स कंपनियों को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि उनमें राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के नातेदार-रिश्तेदार शामिल थे। भर्ती और यूनिफार्म के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था।

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