OMR आधारित होगी सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा, 2 घंटे में हल करने होंगे 150 सवाल; यहां मिलेगी एग्जाम पैटर्न की पूरी डिटेल
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 8 से 10 जून तक होने वाली यह परीक्षा ओएमआर आधारित होगी, ज ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। सिपाही व समकक्ष 32,679 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आठ से 10 जून तक होने वाली लिखित परीक्षा ओएमआर आधारित होगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने लिखित परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभ्यर्थियों को दो घंटे में 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के जवाब देने होंगे। इसमें सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक, मानसिक योग्यता, मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि और तार्किक क्षमता के प्रश्नों के चार भाग होंगे। प्रत्येक सही उत्तर के लिए दो अंक दिए जाएंगे। न्यूनतम अंक पाने में विफल रहने वाले अभ्यर्थी भर्ती के पात्र नहीं होंगे।
अपर सचिव भर्ती सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के अनुसार अनारक्षित अभ्यर्थियों को भर्ती का पात्र होने के लिए न्यूनम 30 प्रतिशत अंक, ईडब्लूएस और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 25 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-जनजाति के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 20 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी होगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रश्न के चार वैकल्पिक उत्तर में से एक सही चुनना होगा और ओएमआर में काला या नीला बाल पेन से गोला भरना होगा। ओएमआर और प्रश्न पुस्तिका क्रमांक एक होना जरूरी होगा। यदि दोनों अलग-अलग हैं तो अभ्यर्थी को उसे कक्ष निरीक्षक से बदलवाना होगा। ओएमआर शीट में प्रश्न पुस्तिका क्रमांक को न भरने या फिर गलत भरने पर उसकी जांच नहीं की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि अपूर्ण, गलत तरीके से ओएमआर शीट में परीक्षा केंद्र कोड, रोल नंबर लिखने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी निरस्त कर दी जाएगी। मांगी गई जानकारी के अलावा अन्य कुछ लिखने पर ओएमआर शीट को अमान्य कर दिया जाएगा। उत्तर बदलने के लिए व्हाइटनर, रबर, ब्लेड का प्रयोग भी प्रतिबंधित है। एक बार उत्तर अंकित करने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता है।
हिंदी विषय को छोड़कर अन्य विषयों के प्रश्न अंग्रेजी में भी होंगे। यदि कोई प्रश्न या उसका उत्तर विकल्प गलत पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। इन प्रश्नों का वितरण इलाहाबाद हाई कोर्ट के द्वारा स्थापित व्यवस्था से किया जाएगा। प्रसामान्यीकरण (नार्मलाइजेशन) की प्रक्रिया वर्ष 2023 में बोर्ड द्वारा स्थापित व्यवस्था के अनुसार होगी।