आलू, सरसों और दलहन उत्पादक जिलों को प्राथमिकता पर मिलेगी फास्फेटिक खाद, कृषि मंत्री ने दिए निर्देश
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आलू, सरसों और दलहन उत्पादक जिलों में फास्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही। फाइल फोटो
HighLights
आलू, सरसों, दलहन उत्पादक जिलों को फास्फेटिक खाद प्राथमिकता पर।
प्रदेश में 26.35 लाख टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध, कोई कमी नहीं।
कालाबाजारी रोकने हेतु 12,358 छापे, 43 एफआईआर दर्ज।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आलू, सरसों और दलहन उत्पादक जिलों में प्राथमिकता के आधार पर फास्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को खरीफ फसलों की रोपाई-बोआई के बाद संस्तुति के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। दावा किया कि वर्तमान में सभी जिलों में विभिन्न उर्वरकों का स्टाक उपलब्ध है और कहीं भी किसी प्रकार की किल्लत नहीं है।
गुरुवार को विभागीय बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि 20 अगस्त तक प्रदेश में कुल 26.35 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है। इसमें 11.97 लाख टन यूरिया, 4.77 लाख टन डीएपी, 4.98 लाख टन एनपीके, 3.53 लाख टन एसएसपी और 1.10 लाख टन एमओपी शामिल है।
सहकारिता क्षेत्र में 4.96 लाख टन यूरिया, 2.32 लाख टन डीएपी व 1.36 लाख टन एनपीके और निजी क्षेत्र में 7.01 लाख टन यूरिया, 2.45 लाख टन डीएपी व 3.61 लाख टन एनपीके उपलब्ध है।
कालाबाजारी, जमाखोरी रोकने को एक अप्रैल से 20 अगस्त तक 12,358 छापे मारे गए हैं। इनमें 1782 नमूने लिए गए और 1306 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
अनियमितताओं पर 254 लाइसेंस निलंबित, 63 लाइसेंस निरस्त, 29 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित व 25 दुकानें सील की गईं। इसके अतिरिक्त 43 एफआईआर दर्ज कराई गईं और 24 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कृषि भूमि के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं और अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न करें।
मंत्री ने बताया कि दलहन खरीद योजना में किसानों को 23 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से आच्छादित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, विशेष सचिव कृषि संजीव रंजन, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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