UP Flood Alert: वाराणसी-कानपुर में बढ़ा नदियों का जलस्तर, कई जिलों में बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और फसलें डूब गई हैं। प्रशासन राहत-बचाव कार्यों की तैयारी में जुटा है, जबकि कुछ स्थानों पर जलस्तर स्थिर होने से राहत मिली है।

यूपी में नदियों का बढ़ता जलस्तर बना आफत। जागरण
HighLights
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई जिले प्रभावित।
कानपुर, उन्नाव, कुशीनगर में गंगा-नारायणी का जलस्तर चिंताजनक।
प्रशासन राहत-बचाव में सक्रिय, मंत्रियों ने किया दौरा।
विवेक शुक्ला, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर ने कई जिलों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदियों के उफान से कहीं गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है तो कहीं सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भरने से फसलों पर संकट है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चिंता सताने लगी है।
संतकबीरनगर, कुशीनगर, वाराणसी, बलिया, उन्नाव, कानपुर, लखनऊ मंडल और आगरा समेत कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और राहत-बचाव की तैयारियां तेज की गई हैं।
कुशीनगर में नदी के बढ़ते दबाव से बांध किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
नारायणी नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण बांध किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी कई स्थानों पर बांध के करीब बह रही है, जिससे संवेदनशील स्थानों पर कटान की आशंका उत्पन्न हो गई है।
शुक्रवार की सुबह नदी का डिस्चार्ज 84500 क्यूसेक था, जो बाद में बढ़कर 98200 हजार क्यूसेक पहुंच गया। एपी बांध के किमी 14.500 पर अहिरौलीदान के कचहरी टोले के सामने नारायणी नदी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है, जिससे आसपास के ग्रामीणों और दुकानदारों में चिंता व्याप्त है। नोनियापट्टी के पास नदी और बांध के बीच की भूमि में बोई गई फसलों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। बाघाचौर और बांकखास के सामने नदी बांध के किनारे तक पहुंच गई है, जबकि जवहीं दयाल के सामने कई टोले पानी की गिरफ्त में आ गए हैं।
संतकबीरनगर में 48 घंटे में 35 सेंटीमीटर बढ़ा सरयू का जलस्तर
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से मांझा क्षेत्र के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। कभी नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है तो कभी उतनी ही तेजी से बढ़ने लगता है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़कर शुक्रवार शाम 78.80 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 79.40 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से महज 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।

मांझा क्षेत्र में भर रहा नदी का पानी। जागरण
विदित हो कि पांच दिन पहले सरयू का जलस्तर बढ़कर 78.95 मीटर पर पहुंच गया था। इसके बाद तेजी से कमी शुरू हुई और बुधवार को जलस्तर घटकर 78.45 मीटर पर आ गया। इससे नदी का पानी मुख्य धारा में सिमटने लगा था। जलस्तर कम होने पर नदी की धारा और एमबीडी महाबांध के बीच बसे बाढ़ प्रभावित करीब डेढ़ दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने राहत महसूस की थी।
कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से सिर्फ 72 सेंटीमीटर दूर
चमोली में फटे बादल और लगातार हो रही वर्षा व नहरों में बढ़ रहे जल का असर कानपुर शहर में भी दिखने लगा है। तेजी से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके चलते कटरी के इलाकों में पानी भर गया है। इन इलाकों में फसलें डूब गई है। चौबीस घंटे में आठ सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर और बढ़ गया है। शुक्रवार को शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.28 पहुंच गया है। गुरुवार को 112.20 मीटर था।
चेतावनी बिंदु 113 मीटर से सिर्फ अब 72 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर दूर है। इसके लेकर सिंचाई विभाग और प्रशासन के अफसर लगातार गंगा पर नजर रखे है। पीछे से आ रहे जल को देखा जा रहा है। उसके आधार पर बैराज के गेट का दरवाजा और बढ़ाया जा रहा है। नरोरा बांध से गंगा का जल 1,11,969 क्यूसेक छोड़ा गया। वहीं बैराज से शुक्लागंज की तरफ 3,00, 9217 क्यूसेक जल छोड़ा गया है।
बिठूर से लगे गंगा के किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जलभराव वाले गांवे के आसपास नावों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि गांवों में पानी भरने पर ग्रामीणों को निकाला जा सके। कटरी में खेतों में पानी भर गया है। इसके चलते फसल डूब गई है। अभी और जल आना है। गंगा से जुड़ी नहरों में भी जल बढ़ रहा है। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ाने की आंशका जताई जा रही है।

उन्नाव मे नौ सेंटीमीटर और बढ़ा गंगा का जलस्तर
उन्नाव के गंगा का जलस्तर नौ सेंटीमीटर और बढ़ गया है। गंगा चेतावनी बिंदु से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के मुहल्लों में रहने वाले लोगों में खलबली मच गई है। पश्चिमी गंगाघाट में गोताखोर, शाहीनगर व करबला मुहल्लों के आगे तक लगभग दो सैकड़ा से अधिक मकान पानी से घिरे हैं। इन मुहल्लों में लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। आवागमन के लिए प्रशासन ने 15 सरकारी नावें लगा दी हैं।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बीते गुरुवार को शाम छह बजे गंगा का जलस्तर समुद्र तल से 112.200 मीटर रिकार्ड किया गया था। जो शुक्रवार को शाम छह बजे तक नौ सेंटीमीटर बढ़कर 112.290 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से मिश्रा कालोनी, मनोहरनगर, बालूघाट, सीताराम कालोनी, शक्तीनगर, इंदिरानगर, गंगानगर, बहादुर बगिया, गंगानगर, रविदासनगर व आलमनगर आदि गंगा किनारे बसे मुहल्लों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं।

पंचायतीराज मंत्री एवं जिले के प्रभारी ओमप्रकाश राजभर ने संभावित बाढ़ प्रभावित गांव माझा कम्हरिया में सरयू नदी के तट पर पहुंच कर जलस्तर का जायजा लिया।- जागरण
अंबेडकरनगर में आबादी की ओर तेजी से बढ़ रही सरयू नदी
सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे तक जलस्तर 29 सेंटीमीटर बढ़ा है। अब जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे है। इस बीच टांडा के मांझा उल्टहवा के मजरे दिलशेर का पूरा तथा जालिम का पूरा में आबादी की ओर बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। आलापुर के अराजी देवारा में कटान तेज हुई है। नदी के किनारे कटने लगे हैं।
वहीं केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान लगाया है। यही स्थितियां रहीं, तो शनिवार तक जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा। शिव प्रसाद यादव, विजय व प्यारे ने बताया कि बाढ़ का पानी रास्तों पर पहुंच गया गया है। विषैले जीवों में सांप आदि आने का खतरा बन गया है।
बहराइच में जलस्तर घटा, लाल निशान 21 सेमी दूर घाघरा
बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में कमी के बाद घाघरा का जलस्तर एक बार फिर घटने लगा है। घाघराघाट स्थित एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर लाल निशान से 21 सेंटीमीटर दूर है। प्रशासन ने बाढ़ की संभावना से इन्कार किया है। गिरजा बैराज पर शुक्रवार को 22 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घाघरा नदी पर पड़ता है।
शुक्रवार को बैराजों पर पानी के डिस्चार्ज में कमी आई। इसके बाद जलस्तर कम होने लगा। शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.86 मीटर रिकार्ड किया गया है, जबकि गुरुवार को यहां पर जलस्तर 106.03 पर पहुंच गया था। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता विशाल ने बताया कि शारदा बैराज के डिस्चार्ज में कमी आई है। एई ने बताया कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।
सीतापुर में नदियों का जलस्तर स्थिर, आंशिक कटान जारी
बैराजों से गुरुवार रात 2,88,687 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। घाघरा नदी खतरे के निशान 136.78 मीटर से 1.33 मीटर तथा शारदा नदी 135.49 मीटर से 0.79 मीटर नीचे बह रही है। नदियां किनारे का आंशिक कटान कर रही हैं। घाघरा नदी अंदर ही कटान कर रही है। हालांकि निचले स्थानों से हल्का पानी निकलकर खेतों में भर गया है। ग्रामीण मंगम, हजारी, फेस और राजेश ने बताया कि जलस्तर स्थिर होने के बावजूद गांवों में संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं।
हरदोई में गंगा खतरे के निशान से महज तीन सेंटीमीटर दूर
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कटान का खतरा भी बढ़ गया है। राजघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 125.81 मीटर से महज तीन सेंटीमीटर नीचे 125.78 मीटर पर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ सेमरा समेत आधा दर्जन गांवों में कृषि योग्य भूमि का तेजी से कटान हो रहा है। कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

आगरा में आफत टली, चंबल नदी का जलस्तर हुआ स्थिर
यमुना नदी के बाद चंबल नदी का जलस्तर भी स्थिर हो गया है। गुरुवार को नदी का जलस्तर 120 मीटर रहा। खतरे का निशान 132 मीटर है। यमुना नदी के जलस्तर में मामूली कमी आई। जलस्तर 149.09 मीटर पर पहुंच गया। दोनों नदियों में बाढ़ का खतरा कम होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।बरसात के चलते यमुना और चंबल नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी।
यमुना में 152 मीटर पर खतरे के निशान है। जलस्तर 150 मीटर तक पहुंच गया था। गोकुल बैराज से गुरुवार को 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज से कम पानी छोड़ने के चलते यमुना के जलस्तर में कमी आ रही है। फिलहाल जलस्तर 149.20 मीटर पहुंच गया है। वहीं, चंबल नदी के जलस्तर में बुधवार को एक दिन में साढ़े छह मीटर की बढ़ोतरी हुई थी। अब जलस्तर स्थिर हो गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार ने बताया कि दोनों ही नदियों में बाढ़ का खतरा नहीं है। जलस्तर में कमी आ रही है।
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
गंगा के जलस्तर में पिछले दिनों के मुकाबले मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। पिछले दो दिनों से जलस्तर लगभग स्थिर बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटों में दो सेंटीमीटर बढ़ा है। शुक्रवार को सुबह जलस्तर 63.59 मीटर दर्ज किया गया, वहीं, 13 अगस्त को यह जलस्तर 63.57 मीटर था। हालांकि, जलस्तर में दो सेमी की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन यह अभी भी चेतावनी बिंदु (70.262 मीटर) से काफी नीचे है और स्थिति नियंत्रण में है।

जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि भले ही जलस्तर में मामूली गिरावट आई है, लेकिन गंगा का जलस्तर वर्तमान में सामान्य से अधिक बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए शहर के सभी प्रमुख घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल पुलिस घाटों पर लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से गश्त कर रही है और श्रद्धालुओं से बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने तथा गहरे पानी में न जाने की अपील कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर नाविकों को भी हिदायत दी गई है कि वे निर्धारित सीमा और क्षमता के भीतर ही नौका संचालन करें।
मऊ में चौबीस घंटे में 17 सेमी बढ़ा सरयू का जलस्तर
सरयू नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव से देवारा में कटान और फसलों के जलमग्न होने का खतर मंडरा रहा है। इसको लेकर नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों दहशत में है। शुक्रवार को जलस्तर 69.40 से 17 सेमी बढ़कर 69.57 मीटर पर पहुंच गया। गौरीशंकर घाट स्थित मीटर गेज पर अंकित खतरा बिंदु 69.90 मीटर से नदी 33 सेमी नीचे बह रही है। जिले के उत्तरी छोर स्थित सरयू नदी के जलस्तर को लेकर बाढ़ खंड आजमगढ़ व सिंचाई विभाग अलर्ट है। दोनों विभागों की तरफ से बंधों की पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।

गौरीशंकर घाट, भारत माता मंदिर के पास कटान रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी बालू भरकर डंप किया गया है। बाढ़ खंड ने चिऊटीडाड़ से लेकर रामपुर धनौली रिंग बंधों की सुरक्षा बढ़ा दी है। सिंचाई विभाग के जेई प्रिंस कुमार सिंह ने बताया कि बहराइच में नदी का जलस्तर तेजी बढ़ रहा। जिससे अभी जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है इधर गौरीशंकर पक्का स्नान घाट नदी की धारा में विलीन होने से शाही मस्जिद के पास नदी का दबाव ज्यादा है। जिसको देखते हुए भारत माता मंदिर से लेकर गौरीशंकर घाट तक कटान रोकने की सारी तैयारी सिंचाई विभाग कर ली है।
मीरजापुर में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने लगी है। गत 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर पानी बढ़ते हुए शुक्रवार सुबह आठ बजे जलस्तर 68.530 मीटर तक पहुंच गया। दो घंटे में एक सेंटीमीटर पानी बढ़ना बताया गया। वर्तमान में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर जबकि खतरे का निशान 77.724 मीटर पर है। पिछले दो दिनों तक गंगा का जलस्तर घटने के बाद गुरुवार की आधी रात के बाद से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा।
दो घंटे में एक सेंटीमीटर पानी बढ़ने से जलस्तर में अधिक बढ़ोतरी तो नहीं हो रही है, फिर भी बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने का कारण एक दिन पूर्व तीन घंटे तक लगातार हुई वर्षा होना बताया जा रहा है। जिसका पानी नदी नाले से होकर गंगा में आ रहा है। जलस्तर की वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बतरना शुरू कर दिया है। गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों को किनारे जाने से रोकने को कहा गया है, ताकि किसी प्रकार का हादसा न हो सके।

सुक्ष्म लघु एवं उद्योग राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर बाढ़ चौकी और गंगा किनारे घाट का निरीक्षण किया। जागरण
चंदौली में बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे राज्य मंत्री
चंदौली जिले में बाढ़ की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को प्रदेश सरकार के सुक्ष्म लघु एवं उद्योग राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर बाढ़ चौकी और गंगा किनारे घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने जलस्तर की स्थिति देखी और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति में सरकार ग्रामीणों के साथ खड़ी है। प्रशासन की नजर जलस्तर और संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और मदद पहुंचाई जाएगी।
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अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत शिविरों में पीने का पानी, दवाएं, भोजन और पशुओं के चारे का इंतजाम पहले से रखा जाए। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर नावों की पर्याप्त व्यवस्था हो। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि तहसील और ब्लाक स्तर के अधिकारी लगातार संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। बाढ़ से निपटने के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

