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    यूपी के हर स्कूल में शक्ति मंच का गठन, नए सत्र से होगी नियमित बैठक, दिशा-निर्देश जारी

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 10:18 PM (IST)

    नए शैक्षणिक सत्र से यूपी के सभी माध्यमिक विद्यालयों में 'मिशन शक्ति' के तहत 'शक्ति मंच' का गठन होगा। यह मंच बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरत ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नए सत्र से सभी माध्यमिक विद्यालयों में शक्ति मंच का गठन।

    2. बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

    3. नियमित बैठकें, शिकायत समाधान, स्वच्छता जागरूकता पर जोर।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति’ अभियान के तहत शक्ति मंच का गठन किया जाएगा। हर विद्यालय में यह मंच सक्रिय रहेगा और इसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।

    इन बैठकों में छात्र-छात्राएं सृजनात्मक तरीकों जैसे लेखन, वाद-विवाद, चित्रकला, नाटक, गीत और कहानियों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। खास तौर पर उन बालिकाओं की पहचान की जाएगी, जिनका अभी तक स्कूल में नामांकन नहीं हुआ है।

    साथ ही, उनके स्कूल न आने के कारणों को समझकर उनका दाखिला कराने में मदद की जाएगी। विद्यालयों में बालिकाओं को आने वाली समस्याओं पर खुलकर चर्चा होगी और उनके समाधान की योजना भी बनाई जाएगी।

    बाल एवं महिला अधिकार, लड़कियों की शिक्षा का महत्व और समाज में मौजूद कुरीतियों पर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। किशोरावस्था से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया जाएगा और आत्मरक्षा के उपायों का अभ्यास भी कराया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों को अपनी शिकायतें लिखकर शिकायत पेटिका में डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव का कहना है कि मिशन शक्ति को शैक्षणिक कैलेंडर में भी शामिल करते हुए विद्यालयों के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत हर महीने के अंतिम शनिवार को स्कूल प्रबंधन समिति की महिला सदस्य इन शिकायतों को पढ़कर समाधान सुनिश्चित करेंगी।

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    बच्चों को सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी जाएगी और इसे स्कूल में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।

    छात्राओं को सुरक्षित पीरियड्स और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जागरूक करने के लिए साल में दो बार कार्यक्रम होंगे। जरूरत पड़ने पर स्कूल में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे।