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यूपी के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होगी स्वाइन फ्लू की जांच, योगी सरकार का फैसला

Published: Wed, 02 Sep 2026 08:22 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 08:27 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के 685 मामले सामने आने के बाद सरकार ने निगरानी और उपचार व्यवस्था कड़ी कर दी है।

सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ

HighLights

  1. सरकारी अस्पतालों में एच1एन1 जांच अब निःशुल्क होगी।

  2. मुख्यमंत्री ने निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने को कहा।

  3. गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड की व्यवस्था।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के 685 मामले सामने आने के बाद सरकार ने निगरानी और उपचार व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की शाम को अपने आवास पर समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) की जांच निश्शुल्क कराई जाए और अधिक मामलों वाले जिलों में संक्रमण की निगरानी से लेकर उपचार तक की व्यवस्था तत्काल मजबूत की जाए।

गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड तैयार करने के साथ अस्पतालों में दवाओं, जांच, आइसोलेशन बेड और रेफरल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने निजी चिकित्सा संस्थानों को भी जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली न करने की हिदायत दी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को एच1एन1 की रोकथाम और उपचार के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को बिना देरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

संक्रमण से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा

एएनएम, आशा और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने तथा आवश्यकता के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने को भी कहा गया। प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल व सिरप तथा एच1एन1 वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिला अस्पतालों में हेल्प डेस्क, नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओपीडी की व्यवस्था है। चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, जांच, दवा और आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं तथा आरटीपीसीआर किट की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई।

मुख्यमंत्री ने संक्रमण को लेकर पैनिक के बजाय जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को सरल और तथ्यपरक तरीके से बताया जाए कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी-छींक के दौरान सावधानी और संक्रमण से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही किसी जिले में मामलों में बढ़ोतरी मिलते ही तत्काल आवश्यक चिकित्सा संसाधन और निगरानी बढ़ाई जाए।

यह होते हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण

बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। वहीं सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम और नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, खाना न खा पाना, झटके आना या तेज सांस चलना भी गंभीर लक्षण माने जाएंगे।

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