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यूपी में टीईटी अनिवार्यता हटाने को सांसदों से समर्थन मांगेगा महासंघ, पांच जुलाई तक सौंपे जाएंगे ज्ञापन

Published: Mon, 22 Jun 2026 07:50 PM (IST)

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए इसकी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर ...और पढ़ें

टीईटी अनिवार्यता हटाने को सांसदों से समर्थन मांगेगा महासंघ। AI जेनरेटेड फोटो

टीईटी अनिवार्यता हटाने को सांसदों से समर्थन मांगेगा महासंघ। AI जेनरेटेड फोटो

HighLights

  1. टीईटी अनिवार्यता हटाने को महासंघ का 'सांसद संपर्क' अभियान।

  2. पांच जुलाई तक देशभर के सांसदों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन।

  3. 2011 से पहले कार्यरत 2 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा प्रभावित।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पहले से कार्यरत शिक्षकों पर इसकी अनिवार्यता समाप्त कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण के तहत ‘सांसद संपर्क व सांसद समर्थन’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

इसके तहत पांच जुलाई तक देशभर के सांसदों से संपर्क कर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा। सोमवार को संगठन की राष्ट्रीय स्तर की आनलाइन बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने की।

प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पहले चरण में 18 जून को देशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजे गए थे। प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावी ने कहा कि प्रदेश के सभी सांसदों से मिलकर समर्थन मांगा जाएगा।

प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले कार्यरत दो लाख से अधिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे को संसद के मानसून सत्र में उठाने के लिए सांसदों का समर्थन लिया जाएगा।

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