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यूपी में हर साल 10 लाख युवाओं को रोजगार, सरकार ने कर दिया बंदोबस्त, CM योगी का निर्देश भी जारी

Published: Tue, 09 Jun 2026 09:00 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र परियोजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी।

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HighLights

  1. नौ क्षेत्रीय जोन में हब-स्पोक मॉडल से प्रशिक्षण व रोजगार।

  2. सीएम योगी का निर्देश, हर साल 10 लाख युवाओं को रोजगार।

  3. उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास, प्लेसमेंट और उद्यमिता सहायता।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे। इसके लिए सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र परियोजना के तहत प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोन में विकसित किया जाएगा।

इसके संचालन से हर वर्ष 10 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट देने का लक्ष्य है। साथ ही 10 लाख से अधिक रोजगार मिलान (जाब मैचिंग) किए जाएंगे। प्रशिक्षित युवाओं के लिए 80 प्रतिशत तक प्लेसमेंट सुनिश्चित करने की योजना है।

मंगलवार को इस परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इसके निर्माण और क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि उद्योगों को देखते हुए ऐसा मजबूत तंत्र विकसित करना जरूरी है, जो युवाओं को सीधे रोजगार और उद्यमिता से जोड़ सके।

निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण पूरी तरह उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने परियोजना को केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि रोजगार, उद्योग और उद्यमिता के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। भविष्य में कुशल मानव संसाधन की बढ़ती मांग को देखते हुए इस परियोजना की परिकल्पना की गई है। बैठक में नौ क्षेत्रीय जोन की प्रस्तावित हब और स्पोक संरचना प्रस्तुत की गई।

बताया गया कि हर जोन में एक उत्कृष्टता केंद्र (हब) और उससे जुड़े कौशल विकास केंद्र (स्पोक) स्थापित होंगे। हब में अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और करियर सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण स्पोक केंद्रों के माध्यम से दिया जाएगा।

कानपुर समेत छह जिलों में 369 एकड़ भूमि मिली

अधिकारियों के अनुसार परियोजना के पहले चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध हो चुकी है। अन्य जिलों में भी भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। हर वर्ष दो लाख से अधिक नए एमएसएमई उद्यमों को बढ़ावा देने व लगभग 50 हजार गिग वर्कर्स को औपचारिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सिंगापुर के इंस्टीट्यूट आफ टेक्निकल एजुकेशन और उसकी नालेज पार्टनर संस्था के अनुभवों का लाभ परियोजना में लिया जाएगा। संस्था पाठ्यक्रम विकास, गुणवत्ता आश्वासन, क्षमता निर्माण, मूल्यांकन, नेतृत्व विकास और प्रशिक्षण में सहयोग करेगी।

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