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यूपी में आकार लेगी 'केयर इकोनॉमी', बुजुर्गों-दिव्यांगों की देखभाल से युवाओं को मिलेगा रोजगार

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:27 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन और जरूरतमंदों की देखभाल के लिए 'केयर इकोनॉमी' विकसित कर रही है। यह पहल ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. सरकार बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन की देखभाल हेतु 'केयर इकोनॉमी' विकसित करेगी।

  2. यह पहल रोजगार सृजन और महिला सशक्तीकरण का नया माध्यम बनेगी।

  3. संबंधित 12 विभाग मिलकर इस दिशा में तेजी से काम करेंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन और जरूरतमंदों की देखभाल को संगठित सेवाओं से जोड़कर रोजगार सृजन और महिला सशक्तीकरण का नया माध्यम बनाने की कोशिश शुरू हो गई है। सरकार, राज्य में एक केयर इकाेनामी (देखभाल अर्थव्यवस्था) विकसित करने पर काम कर रही है।

सोमवार को इसे लेकर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि केयर इकोनामी रोजगार सृजन, बुजुर्गों व वंचितों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम साबित होगी।

कुशल देखभालकर्ताओं (केयर गिवर्स) में निवेश करके और डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाकर राज्य एक लचीला और समावेशी देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र बना सकता है।

सोमवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में समाज कल्याण विभाग द्वारा सतत केयर इकोनामी का निर्माण- देखभाल कार्य को पहचान, महिलाओं को सशक्तीकरण और समावेशी आजीविका के अवसर’ विषय पर एक दिवसीय आयोजित कार्यशाला में सभी विभागों द्वारा अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए अपने कार्य और सुझावों आदि की जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि देखभाल अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए देखभालकर्ताओं की पहचान और एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराना होगा। संबंधित 12 विभाग समन्वय कर इस दिशा में तेजी से काम करें।

कार्यशाला में अनौपचारिक-घरेलू देखभाल कार्य को पहचान व आर्थिक मूल्य प्रदान करना, महिलाओं के लिए नए रोजगार व स्वरोजगार (उद्यमिता) के रास्ते खोलना, देखभालकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण, दीर्घकालिक सेवाओं के लिए पीपीपी माडल, बीमा योजनाओं और सीएसआर फंड का उपयोग, आदि बिंदुओं पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, चेयरमैन यूपी सिडको वाईपी सिंह, सचिव महिला एवं बाल विकास मनीषा त्रिघाटिया, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के उपाध्यक्ष विश्वनाथ, प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक संजीव सिंह सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्रम, कौशल विकास तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण, वित्त, कौशल विकास आदि विभागों अधिकारी उपस्थित रहे।

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