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UP में 'सिंगापुर मॉडल' पर बनेगा देश का पहला सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल व रोजगार जोन, हर साल 10 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी

Published: Wed, 10 Jun 2026 02:13 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 'सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र' को सिंगापुर मॉडल पर विकसित करने के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सिंगापुर के ITE मॉडल पर बनेगा विशाल औद्योगिक-रोजगार क्षेत्र।

  2. प्रतिवर्ष 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार का लक्ष्य।

  3. प्रशिक्षित युवाओं के लिए 80% प्लेसमेंट की गारंटी सुनिश्चित होगी।

डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की विशाल युवा शक्ति को वैश्विक स्तर पर सबसे कुशल कार्यबल में बदलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य की महत्वाकांक्षी 'सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र' परियोजना के निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए हैं। सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ITE) की तर्ज पर विकसित होने वाला यह अनूठा और एकीकृत मॉडल युवाओं को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, सर्टिफिकेट, विदेशी भाषा का ज्ञान और सीधे बड़ी कंपनियों में प्लेसमेंट की गारंटी देगा।

उद्योगों की मांग पर तैयार होगा कुशल मैनपावर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा है। इस बदलते तकनीकी दौर में राज्य को एक ऐसे संस्थागत ढांचे की जरूरत है जो उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार करे। सीएम योगी ने कहा कि यह सिर्फ एक सामान्य ट्रेनिंग सेंटर नहीं होगा, बल्कि यह रोजगार, उद्योग और उद्यमिता का एक समेकित और आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनेगा।

9 क्षेत्रीय हब और 'हब एंड स्पोक' मॉडल से जुड़ेगा हर जिला

इस महापरियोजना को पूरे प्रदेश में सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 'हब एंड स्पोक' तकनीक का खाका तैयार किया गया है। प्रदेश में 9 बड़े क्षेत्रीय हब बनाए जाएंगे, जहां उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, रिसर्च, इनोवेशन और प्लेसमेंट व कैरियर काउंसलिंग सेवाएं संचालित होंगी। इन मुख्य हब्स से जुड़े स्पोक केंद्र जिलों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर युवाओं को ग्राउंड लेवल पर ट्रेनिंग देंगे। 

एक ही परिसर में 'प्लग एंड प्ले' उद्योग और विदेशी भाषाओं की पढ़ाई

सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल जोन की सबसे बड़ी खासियत इसका 'ऑल-इन-वन' कॉम्प्लेक्स मॉडल है। इस परिसर में युवाओं को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी। प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं और शेड्स, जहाँ कंपनियां सीधे अपनी मशीनें लगाकर काम शुरू कर सकेंगी। विदेशों में नौकरी की राह आसान करने के लिए विशेष विदेशी भाषा प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम। अपना स्टार्ट-अप या बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं के लिए व्यावसायिक और कानूनी सहायता केंद्र।

मऊ से कानपुर तक मचेगी धूम

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ तथा कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध हो चुकी है और अन्य जिलों में भी जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी है।

प्रतिवर्ष 10 लाख नौकरियां और 2 लाख नए MSME का महा-लक्ष्य

यह परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार परिदृश्य के लिए गेमचेंजर साबित होने जा रही है। सरकार ने इसके लिए कुछ बेहद कड़े और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। हर साल 10 लाख से अधिक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षित कर प्रमाणित किया जाएगा और सालाना 10 लाख से अधिक 'जॉब मैचिंग' कराई जाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने वाले कम से कम 80 प्रतिशत छात्रों का सीधा प्लेसमेंट सुनिश्चित करने की कड़क गाइडलाइन बनाई गई है। इस जोन के जरिए प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक नए MSME उद्यमों को प्रमोट किया जाएगा, जबकि 50 हजार गिग वर्कर्स को मुख्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

सिंगापुर की ITEES संस्था बनेगी 'नॉलेज पार्टनर'

उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था ITE और उसकी ग्लोबल आर्म ITEES के अनुभवों व विशेषज्ञता का उपयोग किया जा रहा है। यह वैश्विक संस्था पाठ्यक्रम के विकास, ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और अत्याधुनिक अवसंरचना के निर्माण में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना से जुड़े सभी प्रस्तावों और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी के क्रियान्वयन मॉडल पर शीघ्र निर्णय लेकर इसे समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए।