विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्लासरूम से सीधे इंडस्ट्री तक: यूपी के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, 8 जिलों से होगी शुरुआत

Published: Thu, 13 Aug 2026 09:41 PM (IST)

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को कुशल बनाने और सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए यूपी कौशल विकास ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. यूपीएसडीएम और आईआईए के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता।

  2. युवाओं को उद्योगों से मिलेगा सीधा प्रशिक्षण और रोजगार।

  3. पहले चरण में 8 जिलों से होगी योजना की शुरुआत।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल (Skilled) बनाने और उन्हें सीधे रोजगार व अप्रेंटिसशिप से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम और मिशन निदेशक पुलकित खरे मौजूद रहे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट लिंकेज को मजबूत करना, अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाना और युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करना है।

व्यावहारिक प्रशिक्षण: उद्योगों से मिलेगा कच्चा माल और एक्सपर्ट मेंटरशिप

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रशिक्षण को किताबों से निकालकर धरातल पर लाने के लिए आईआईए से जुड़े उद्यमी यूपीएसडीएम प्रशिक्षण केंद्रों को आवश्यक 'रॉ मैटेरियल' उपलब्ध कराएंगे। प्रशिक्षार्थी अब उद्योग विशेषज्ञों की सीधी देखरेख में वास्तविक औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। इसके अलावा, दिग्गज उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्रों पर जाकर गेस्ट लेक्चर, मेंटरशिप और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग देंगे, जिससे युवाओं को वर्कप्लेस बिहेवियर और बदलती तकनीकों की सीधी जानकारी मिल सके।

रोजगार और अप्रेंटिसशिप: आईआईए पोर्टल और जॉब फेयर से मिलेगा मौका

युवाओं को सीधे नौकरियों से जोड़ने के लिए आईआईए के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल (iiaonline.in) का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में नियमित रूप से जॉब फेयर (रोजगार मेले), अप्रेंटिसशिप मेले और इंडस्ट्रियल विजिट (औद्योगिक भ्रमण) का आयोजन किया जाएगा। एमओयू के तहत आईआईए के क्षेत्रीय चैप्टर प्रमुखों को सीधे जिलों में कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (DPMU) से जोड़ा जाएगा ताकि स्थानीय स्तर पर औद्योगिक जरूरतों और कुशल युवाओं के बीच बेहतर समन्वय बन सके।

पहले चरण में 8 जिले शामिल: 75 जिलों तक मॉडल विस्तार की योजना

इस दूरदर्शी पहल को प्रथम चरण में प्रदेश के 8 प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों—लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर (गौतमबुद्ध नगर/गाजियाबाद) और बरेली में लागू किया जाएगा। प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन के आधार पर इस पूरे मॉडल को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने की योजना है, जिससे पूरे प्रदेश के युवाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके।

3 साल का गैर-वित्तीय करार: हर तिमाही में होगी प्रगति की समीक्षा

यूपीएसडीएम और आईआईए के बीच हुआ यह करार 3 वर्षों के लिए एक गैर-वित्तीय (Non-Financial) साझेदारी है। इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए एक 'ज्वाइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी' (संयुक्त समन्वय समिति) का गठन किया गया है। यह समिति हर तिमाही (Quarterly) में बैठक कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट और युवाओं को मिले रोजगार के आंकड़ों का गहन आकलन करेगी।