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यूपी की फॉरेंसिक प्रतिभा का ग्लोबल डंका: अमेरिका की 'जेन जी' को AI और डेटा एनालिटिक्स पढ़ाएंगे UPSIFS के प्रोफेसर

Published: Sun, 13 Sep 2026 04:12 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के फॉरेंसिक प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को अमेरिका के 'फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस' कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपीएसआईएफएस के डॉ. दुबे को अमेरिकी फुलब्राइट कार्यक्रम में निमंत्रण।

  2. लिविंगस्टोन कॉलेज में अमेरिकी 'जेन जी' को आधुनिक तकनीकें सिखाएंगे।

  3. उत्तर प्रदेश ज्ञान और तकनीक का वैश्विक निर्यातक बन रहा है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रतिभा अब अमेरिका की नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक का पाठ पढ़ाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी मिली है। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमलेश कुमार दुबे को अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ कार्यक्रम के तहत आमंत्रित किया गया है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यूपी अब ज्ञान और तकनीक का वैश्विक निर्यातक बन रहा है।

लिविंगस्टोन कॉलेज में अमेरिकी 'जेन जी' को पढ़ाएंगे आधुनिक तकनीक

डॉ. कमलेश कुमार दुबे वर्ष 2026-27 के लिए अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित लिविंगस्टोन कॉलेज में दो अकादमिक सेमेस्टर (मई 2027 तक) अपनी सेवाएं देंगे। वहां वे अमेरिकी युवाओं (जेन जी) को गणित के साथ-साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन जैसी भविष्य की तकनीकों से रूबरू कराएंगे। डॉ. दुबे का यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच गणित और उभरती तकनीकों में शोध व सहयोग के नए दरवाजे खोलेगा।

भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होंगे अकादमिक रिश्ते

यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी (जो स्वयं फुलब्राइट फ्लेक्स अवार्ड फेलो रह चुके हैं) ने बताया कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में नए शैक्षणिक एवं शोध सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी। डॉ. दुबे का गणित को AI और डेटा की दुनिया से जोड़कर पढ़ाने का विजन दोनों देशों के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच एक नए अकादमिक संवाद की नींव रखेगा।

अपराध जांच से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक बदल रहा यूपी का इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, यूपीएसआईएफएस प्रदेश में एक आधुनिक फॉरेंसिक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। आज अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है; पारंपरिक अपराधों की जगह डिजिटल फ्रॉड और डेटा आधारित अपराध ले रहे हैं। इसे देखते हुए फॉरेंसिक साइंस को AI और साइबर सिक्योरिटी से जोड़ना समय की मांग है। यूपीएसआईएफएस में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इन्हीं तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि राज्य की जांच व्यवस्था को पूरी तरह वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाया जा सके। डॉ. दुबे का अमेरिका जाना इसी व्यापक परिवर्तन का अंतरराष्ट्रीय विस्तार है।

दो दशक का अनुभव और शानदार रिसर्च बैकग्राउंड

डॉ. दुबे की यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि उनकी 19 वर्षों की सुदीर्घ अकादमिक यात्रा का परिणाम है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से गणित में पीएचडी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने वाले डॉ. दुबे ने अब तक 40 से अधिक शोध-पत्र, 10 पेटेंट और चार पुस्तकें प्रकाशित की हैं। उनके निर्देशन में अब तक छह शोधार्थी अपनी पीएचडी पूरी कर चुके हैं।

तकनीक का नया ग्लोबल हब बन रहा उत्तर प्रदेश

डॉ. दुबे का ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस’ के लिए चुना जाना यह स्पष्ट करता है कि यूपी अब सिर्फ अपने राज्य या देश तक सीमित नहीं है। राज्य में विकसित हो रही फॉरेंसिक और तकनीकी क्षमताओं की धमक अब वैश्विक अकादमिक समुदाय तक पहुंच रही है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस दूरदर्शी नीति की जीत है, जो उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित कर रही है।

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