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    भारत-नेपाल सीमा पर पकड़े गए वारिस पंजाब दे के सदस्य, बैग में रखे कपड़ों से मिले थे अलगावादियों के सुराग

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 10:23 PM (IST)

    प्रतिबंधित संगठन 'वारिस पंजाब दे' के दो सक्रिय सदस्य भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच के रूपईडीहा में गिरफ्तार किए गए। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. वारिस पंजाब दे के दो सदस्य भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ्तार।

    2. फर्जी दस्तावेजों से पंजाब जाने का कर रहे थे प्रयास।

    3. अमेरिकी महिला के बैग से मिले कपड़ों से हुआ खुलासा।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बहराइच के रूपईडीहा एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर इमिग्रेशन जांच के दौरान एक अमेरिकी महिला के बैग से मिले पुरुषों के कपड़ों ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते अवैध घुसपैठ का राजफाश किया है।

    फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में घुसपैठ करने के इस मामले में प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के दो सक्रिय सदस्यों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 23 जुलाई को रूपईडीहा के एकीकृत चेक पोस्ट पर अमेरिकी नागरिक रेलेन एलेक्जेंडर ढिल्लो को उनकी बेटी के साथ भारत में प्रवेश करते समय जांच के लिए रोका था। उनका अमेरिकी पासपोर्ट व दस्तावेज सही पाए गए, लेकिन बैग की तलाशी में पुरुषों के कपड़े मिलने पर जांच अधिकारियों को शक हुआ।

    इसके बाद जब इमीग्रेशन व एसएसबी के अधिकारियों ने अमेरिकी महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ नेपाल के रास्ते रुपईडीहा पहुंची थी। उसके साथ मनबीर सिंह ढिल्लो व सुखराज भी थे, लेकिन वह दोनों अलग-अलग चेकपोस्ट से भारत में प्रवेश करेंगे।

    यह जानकारी सामने आने के बाद इमीग्रेशन, बहराइच पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने दोनों की पहचान का सत्यापन किया। दोनों के पास मौजूद आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज फर्जी थे।

    सुखराज की असली पहचान ‘विक्रमजीत सिंह’ के रूप में हुई है। मनबीर और विक्रमजीत दोनों ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े हैं। मनबीर लास एंजिलिस से हांगकांग, फिर काठमांडू और नेपालगंज होते हुए भारत में प्रवेश की कोशिश कर रहा था।

    विक्रमजीत महाराष्ट्र से काठमांडू पहुंचा और वहीं से भारत की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। दोनों पंजाब जाने की योजना बना रहे थे और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के अन्य सदस्यों से ‘जैंगी’ नामक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में थे।

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    दोनों आरोपितों को जोगा सिंह नामक व्यक्ति भार-नेपाल सीमा से पंजाब तक लेकर जाने वाला था। सीमा पार से अवैध रूप से हो रही घुसपैठ को लेकर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने नए सिरे से खालिस्तान समर्थकों के नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।

    इस मामले में चल रहा था फरार

    ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह व उनके समर्थकों ने 23 फरवरी 2023 को पंजाब के अमृतसर में स्थित अजनाला पुलिस थाने पर धावा बोलकर अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए विक्रमजीत सहित अन्य साथियों को छुड़ा लिया था। इसके बाद से पुलिस विक्रमजीत की तलाश कर रही थी।