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    योगी सरकार के 'यक्ष ऐप' से अपराधियों में दहशत, डिजिटल डेटा और AI की मदद से हो रहा बड़े जुर्मों का खुलासा

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 03:04 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया 'यक्ष ऐप' उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण में गेम-चेंजर साबित हुआ है। 90 दिनों में इसने एक दर्जन से अ ...और पढ़ें

    डिजिटल डेटा और सीसीटीवी से सुलझ रहे बड़े अपराध

    डिजिटल डेटा और सीसीटीवी से सुलझ रहे बड़े अपराध

    HighLights

    1. 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक गंभीर मामले सुलझाए।

    2. डिजिटल डेटाबेस, सीसीटीवी मैपिंग से अपराधियों पर शिकंजा।

    3. निर्दोषों को बचाने और गैंग्स का खात्मा करने में सहायक।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए अब बचना नामुमकिन होता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'पुलिस मंथन' कार्यक्रम में लॉन्च किया गया 'यक्ष ऐप' अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में गेम-चेंजर साबित हुआ है।महज 90 दिनों के भीतर इस ऐप ने एक दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामलों का पर्दाफाश कर यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली को एक नई ऊंचाई दी है।अपहरण, हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों को सुलझाने में यक्ष ऐप न केवल आरोपियों तक तेजी से पहुंच रहा है, बल्कि जांच में लगने वाले समय को भी न्यूनतम कर दिया है।

    सुलझ रही लूट और अपहरण की गुत्थियां

    डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, यक्ष ऐप ने पारंपरिक "विलेज क्राइम नोट बुक" की जगह अब अपराधियों का एक विशाल डिजिटल डेटाबेस और सीसीटीवी मैपिंग सिस्टम तैयार कर दिया है।इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जौनपुर में जन सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई लूट का खुलासा महज कुछ ही घंटों में कर दिया गया।

    पुलिस ने ऐप के जरिए 42-43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक की और मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।इसी तरह, राजधानी लखनऊ के काकोरी में 48 घंटे के भीतर दो लूट की घटनाओं को सुलझाकर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया।

    सटीक जांच: निर्दोषों का बचाव और गैंग्स का खात्मा

    यक्ष ऐप केवल अपराधियों को पकड़ने ही नहीं, बल्कि निर्दोषों को बचाने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।आगरा में इस ऐप की मदद से एक बुजुर्ग व्यक्ति को छेड़छाड़ के झूठे आरोपों से बचाया गया, जबकि बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी को ऐप पर मौजूद रिकॉर्ड की मदद से तुरंत दबोच लिया गया।रायबरेली में 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश हो या मेरठ, कानपुर और गोंडा में चोरी और जेबकतरी गैंग्स का भंडाफोड़, यक्ष के जियो-टैगिंग और एनालिटिकल टूल्स ने पुलिस की कार्रवाई को अचूक बना दिया है।

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    यक्ष ऐप की चार बड़ी ताकतें

    • डिजिटल डेटाबेस: पूरे प्रदेश के अपराधियों का रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध है।

    • सीसीटीवी मानचित्रण: त्वरित साक्ष्य जुटाने के लिए कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग।

    • यूनिक क्रिमिनल आईडी: हर अपराधी की अपनी विशिष्ट पहचान, जिससे जिलों के बीच सूचना साझा करना आसान।

    • मल्टी-एंगल फोटो: अपराधियों की सटीक पहचान के लिए विभिन्न कोणों से फोटोग्राफिक रिकॉर्ड।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अब यूपी पुलिस प्रो-एक्टिव और प्रीडिक्टिव पुलिसिंग की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है, जहाँ तकनीक ही सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है।