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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'महाकुंभ में एक भी अपराध की घटना नहीं हुई, 66 करोड़ श्रद्धालु सुरक्षित घर लौटे', यूपी विधानसभा में बोले CM योगी

    Updated: Tue, 04 Mar 2025 04:13 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि महाकुंभ में एक भी अपराध की घटना नहीं हुई। महाकुंभ का आयोजन ...और पढ़ें

    सीएम योगी ने संभल और महाकुंभ के मुद्दों पर सदन में जवाब दिया। (तस्वीर जागरण)
    सीएम योगी ने संभल और महाकुंभ के मुद्दों पर सदन में जवाब दिया। (तस्वीर जागरण)

    HighLights

    1. यूपी विधानसभा में सीएम योगी ने सपा पर किया प्रहार
    2. योगी बोले- सपा अपने ऊपर उपदेश लागू करे
    3. संभल का जिक्र कर कहा- जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा, 'महाकुंभ में जो आया, वो अभिभूत हो गया। महाकुंभ में एक भी अपराध की घटना नहीं हुई।'

    कहा 'महाकुंभ का आयोजन एक चमत्कार की तरह। 66 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में आए और सुरक्षित घर को लौटे। महाकुंभ की गूंज दुनिया भर में गूंज रही। महाकुंभ से अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है।'

    महाकुंभ पर समाजवादी पार्टी की टिप्पणी को घेरते हुए सीएम ने कहा कि सपा अपने ऊपर उपदेश को लागू करे।संभल का जिक्र करते हुए कहा कि जो हमारा है, हमें मिल जाना चाहिए। इससे इतर कुछ नहीं।

    सीएम ने कहा कि एक शरारत के तहत संभल के 68 तीर्थों और 19 कूपों की निशानी मिटाने की कोशिश की गई। उसको खोजना हमारा काम था। हमने 54 तीर्थ खोजे और 19 कूपों को भी पाया।

    भारत तीन देवों को मानती है अपना आदर्श- योगी

    भारत की जनता जब तक इन तीन देवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश को अपना आदर्श मानेगी, भारत तब तक भारत बना रहेगा। इन तीनों देवों पर सपा का कोई विश्वास नहीं है, आप लोग भारत की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि आप कहते हैं कि हमारी सोच सांप्रदायिक है, आप मुझे बताइए कि हमारी सोच कहां से सांप्रदायिक है? हम तो सबका साथ, सबके विकास की बात करते हैं। हमारा तो आदर्श है सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया।

    इसका सबसे आदर्श उदाहरण आपके सामने है महाकुंभ। क्या उसमें किसी के साथ कोई भेदभाव हुआ है? न जाति का भेद, न क्षेत्र का भेद, न मत और मजहब का भेद था। एक पक्ष यह है, जो आपके सामने उदाहरण के रूप में है। दूसरा पक्ष वह भी था, जब 26 फरवरी को संभल में 46 वर्षों के बाद शिव मंदिर में जलाभिषेक का कार्यक्रम हो रहा था।

    अकेले संभल में 68 तीर्थ थे और 19 कूप भी थे, जिनको एक निश्चित समय के अंदर समाप्त कर दिया गया। इन 68 तीर्थों में से 54 को ढूंढ़ने का काम हमने किया है, जो हमारी विरासत का हिस्सा हैं। जो 19 कूप हैं, उन्हें भी मुक्त कराया गया है। हमने यही कहा है की जो हमारा है, वह हमें मिल जाना चाहिए। हम इससे इतर कहीं नहीं जा रहे हैं। सच कड़वा होता है और कड़वे सच को स्वीकार करने का सामर्थ्य भी होना चाहिए।

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