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    योगी कैबिनेट की मीटिंग आज, प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण को मिल सकती है मंजूरी

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:31 AM (GMT+05:30)

    योगी सरकार प्रयागराज और आसपास के जिलों के योजनाबद्ध विकास के लिए प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण बनाने की तैयारी में है। ...और पढ़ें

    योगी कैबिनेट मीटिंग। (तस्वीर- फाइल)

    योगी कैबिनेट मीटिंग। (तस्वीर- फाइल)

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार प्रयागराज और आसपास के जिलों में बेहतर सड़कें, योजनाबद्ध शहर और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। योगी सरकार प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण बनाने की तैयारी में है।

    इसके गठन के प्रस्ताव को मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति मिल सकती है। इसके साथ ही सरकार घुमंतू समाज के विकास के लिए उनका अलग से बोर्ड बनाने जा रही है।

    मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग में मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें करीब दो दर्जन प्रस्ताव आने की उम्मीद है। इसमें किसानों, श्रमिकों, बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, आइटी, आवास और सामाजिक कल्याण जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। 

    प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण बनाने की योजना

    अहम प्रस्तावों में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण है। इसके दायरे में प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा और हमीरपुर जिले आएंगे। इसका उद्देश्य इन सभी जिलों के विकास की एक साथ योजना बनाना है, ताकि सड़क, आवास, औद्योगिक क्षेत्र, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बेहतर तरीके से हो सके।

    सरकार का मानना है कि अलग-अलग जिलों के बजाय पूरे क्षेत्र को एक इकाई मानकर विकास करने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और निवेश भी बढ़ेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ शहरों और कस्बों का विकास भी अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।

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    क्रिमनल ट्राइब्स एक्ट से मुक्त डि-नोटिफाइड, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इनके लिए पृथक विकास बोर्ड के गठन को स्वीकृति मिल सकती है।

    इस नए बोर्ड के गठन का उद्देश्य इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना, उनके जीवन स्तर में सुधार करना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष एवं प्रभावी लाभ उपलब्ध कराना है।

    लंबे समय से समाज के इन वर्गों को स्थायी पहचान, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पर्याप्त पहुंच नहीं मिल पा रही थी। यह बोर्ड इन चुनौतियों के समाधान हेतु एक समर्पित संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करेगा।

    कैबिनेट बैठक में खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है।

    औद्योगिक विकास के मोर्चे पर जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की लागत संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा लखनऊ और नोएडा में यू-हब (डीप-टेक हब) स्थापित करने तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के संशोधित दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति मिल सकती है।

    इसके अलावा उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली-2026, राज्य संपत्ति विभाग की नई सेवा नियमावली, भूतत्व एवं खनिकर्म सेवा नियमावली में संशोधन, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट को विधानमंडल में रखने की अनुमति व अनुपूरक बजट से जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दी जाएगी।

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