यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश के सभी विभागों-निगमों में हड़ताल पर लगाई रोक; आखिर क्या है कारण?
उत्तर प्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में राज्य के सभी विभागों निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों में हड़ताल पर रोक लगा दी है। यह रोक अगल ...और पढ़ें

HighLights
- छह माह तक हड़ताल पर रोक लगाने की प्रमुख सचिव कार्मिक ने जारी की अधिसूचना
- बिजली के निजीकरण के विरोध के मद्देनजर ऊर्जा निगमों में पहले से ही हड़ताल पर रोक
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण (UP Electricity) के विरोध में विभिन्न विभागों के अभियंताओं-कर्मचारियों के रुख को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी विभागों, निगमों व स्थानीय प्राधिकरण में हड़ताल पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार के किसी भी विभाग के कार्मिक संगठन अब अगले छह माह तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे।
दरअसल, राज्य सरकार पूर्वांचल व दक्षिणांचल डिस्काम वाले 42 जिलों की बिजली आपूर्ति को पीपीपी मॉडल पर निजी हाथों में सौंपने जा रही है। इस संबंध में अगले सप्ताह कैबिनेट से निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है। निजीकरण को लेकर जिस तरह का विरोध किया जा रहा है उससे सरकार को आशंका है कि निजीकरण का निर्णय होते ही ऊर्जा निगमों के अभियंता-कर्मी हड़ताल कर सकते हैं।
अन्य विभाग के कर्मी भी कर सकते हैं विरोध
ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पावर कॉरपोरेशन (Power Corporation) प्रबंधन ने दूसरे नौ विभागों से अभियंता व कार्मिकों की मांग की है।
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हालांकि, उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं के पावर कॉरपोरेशन में काम न करने संबंधी पत्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल को लिखा है।
सरकार ने छह माह के लिए हड़ताल पर लगाई रोक
इंजीनियर्स एसोसिएशन के रुख से माना जा रहा है कि दूसरे अन्य विभाग के कार्मिक भी ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर सकते हैं। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने अब अपने सभी विभागों, निगमों व स्थानीय प्राधिकरणों में अगले छह माह तक हड़ताल करने पर रोक लगाने का निर्णय किया है।
शुक्रवार को प्रमुख सचिव कार्मिक एम देवराज ने उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम के हड़ताल पर रोक लगाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी।
गौरतलब है कि ऊर्जा निगमों (Electricity Department) में तीन जनवरी तक हड़ताल करने पर पहले से ही रोक लगी है। कॉरपोरेशन प्रबंधन ने तीन जनवरी के बाद भी छह माह तक ऊर्जा निगमों में हड़ताल पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार से अनुरोध कर रखा है। प्रदेश सरकार की अधिसूचना होने पर ऊर्जा निगमों में अगले वर्ष तीन जुलाई तक हड़ताल पर रोक रहेगी।