यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Yogi Cabinet Meeting: 20 में से 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर, फ्लैट बायर्स को बड़ी राहत; आबकारी नीति 2024-25 को मंजूरी
Yogi Cabinet Meeting योगी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अटकी हुईं आवासीय परियोजनाओं के लगभग 2.4 लाख आवंटियों को राहत देने का निर्णय किया है। ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। (Yogi Cabinet Meeting) योगी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अटकी हुईं आवासीय परियोजनाओं के लगभग 2.4 लाख आवंटियों को राहत देने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारशों को लागू करने का फैसला किया है।
समिति ने सिफारिश की थी यदि आवंटी ने पूरा पैसा जमा कर दिया है और उसे कब्जा नहीं मिला है तो उसे मकान का कब्जा दिलाकर उसकी रजिस्ट्री कराई जाए। यदि क्रेता मकान में निवास कर रहा है और उसकी रजिस्ट्री नहीं हुई है तो उसकी रजिस्ट्री कराई जाए।
रुकी हुई आवासीय परियोजनाएं होंगी पूरी
समिति ने 1 अप्रैल 2020 से मार्च 2022 तक कोरोना से प्रभावित कालखंड को जीरो पीरियड मानते हुए बिल्डरों को इस अवधि में ब्याज में छूट देने की भी संस्तुति की थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्य सरकार ने इन दोनों संस्तुतियों को मान लिया है। इससे एनसीआर क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवंटियों को राहत मिलेगी। वहीं रुकी हुईं आवासीय परियोजनाएं भी पूरी हो सकेंगी।
योगी कैबिनेट की मीटिंग में आबकारी नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी गई है।
उत्तर प्रदेश द्राक्षासवनी नियमावली 1961 में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर। अंगूर, सेब और नाशपाती से बनने वाली क्रमशः साइडर, शेरी और पेरी वाइन को नियमावली में शामिल किया गया।
- सहारनपुर विकास प्राधिकरण में सदर, नटकुर और रामपुर मनिहारान तहसीलों के 33 गांव शामिल करने का प्रस्ताव भी मंजूर।
- 57 जिलों में साइबर क्राइम थाना की स्थापना का प्रस्ताव भी अनुमोदित।
- मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में राजधानी स्थित एसजीपीजीआइ में एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव मंजूर।
- अधिवक्ता कल्याण निधि का कार्पस फंड बढ़कर 500 करोड़ रुपये करने का निर्णय।
- ई-नाम परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के बाहर के व्यापारियों को उत्तर प्रदेश में और उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को अन्य प्रदेशों में कृषि उत्पादों के व्यापार के लिए लाइसेंस उपलब्ध कराए जाने का निर्णय।
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