योगी सरकार में गांवों को मिली नई पहचान, यूपी की 57694 पंचायतों में स्थापित हुए ग्राम सचिवालय
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित कर ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है। इससे ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी ...और पढ़ें
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HighLights
57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए।
24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कर आधुनिक सुविधाएं दी गईं।
ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में ग्रामीण विकास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों की स्थापना कर ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कर पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ग्राम सचिवालयों की स्थापना से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं की जानकारी, मनरेगा संबंधी सेवाएं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब बार-बार तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
पिछले 5 वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। ग्राम सचिवालयों में फर्नीचर, कम्प्यूटर, इंटरनेट, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है। कुल 1875 रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट और कन्सल्टिंग इंजीनियर(सिविल) का इम्पैनलमेंट किया गया है।
राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम किया गया लागू
विभाग द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायतों को भेजी जाने वाली समस्त धनराशि का भुगतान ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर से किये जाने के लिए जिओ फेन्स्ड एंड क्यू आर कोड तकनीक (Geo fenced and QR Code technique) लागू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से धनराशि के व्यय में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित किया गया है। एआई मॉडल का प्रयोग कर व्यय का अनुश्रवण किया जा रहा है। समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं संचार हेतु राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं आनलाइन अटेण्डेन्स सिस्टम लागू किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इन भवनों में पंचायत बैठकों, जनसुनवाई, डिजिटल सेवाओं और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पंचायत भवनों के निर्माण से ग्राम पंचायतों को स्थायी कार्यालय मिले हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।
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ग्राम सचिवालय और पंचायत भवनों का यह व्यापक नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को नई गति देने के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्रदेश के गांवों को सशक्त, डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।