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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन तलाक पीडि़त महिलाओं के साथ खड़ी होगी योगी सरकार

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Fri, 07 Apr 2017 11:43 PM (IST)

तीन तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की वजह से सरकार कानूनी तौर पर कदम भले न उठा सके लेकिन संवेदनात्मक रूप से उनके साथ खड़ी होगी।

तीन तलाक पीडि़त महिलाओं के साथ खड़ी होगी योगी सरकार
तीन तलाक पीडि़त महिलाओं के साथ खड़ी होगी योगी सरकार

लखनऊ (जेएनएन)। तीन तलाक पीडि़तों का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की वजह से सरकार कानूनी तौर पर कोई कदम भले ही न उठा सके लेकिन वह संवेदनात्मक रूप से उनके साथ खड़ी होगी। इसको लेकर महिला एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने भी ऐसी महिलाओं की हर स्तर पर मदद करने की प्रतिबद्धता जताई। इससे पहले तीन तलाक पीडि़त महिलाओं का एक प्रतिनिधि मंडल डा. रीता जोशी से मिला था और उनसे न्याय दिलाने की मांग रखी थी। डा. रीता जोशी के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन तलाक पीडि़त महिलाओं की आर्थिक और भावनात्मक सुरक्षा का मुद्दा रखा है। सरकार इसके लिए हर संभव कदम उठाएगी। उनके लिए रोजगार और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

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शुक्रवार को इसी मुद्दे पर राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात की और महिलाओं के लिए एक समान कानून की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक मामले की याची फरहा फैज ने किया। उन्होंने बताया कि वह इससे पहले 27 मार्च को मुख्यमंत्री से मिली थीं। उन्होंने अप्रैल के पहले हफ्ते में आने के लिए कहा था। संघ की ओर कहा गया है कि महिलाओं के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यह मानवीय अधिकारों की बात है। महिलाएं चाहे हिंदू हों या मुस्लिम उनके लिए एक समान कानून होना चाहिए। 

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