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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Etawah Incident : सीएम योगी आदित्यनाथ ने इटावा के एसपी को लगाई फटकार, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 26 Jun 2025 04:09 PM (IST)

    Etawah Incident :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में जातीय संघर्ष फैलाने के षड्यंत्र को लेकर बेहद गंभीर हो गए हैं। उन्होंने कौशांबी, इटावा, औरैया की ...और पढ़ें

    इटावा के एसएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव

    इटावा के एसएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव 

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी, इटावा व औरैया की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए साफ कहा कि प्रदेश में जातीय संघर्ष फैलाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि दोषियों को बेनकाब कर सख्त कार्रवाई करें। शासन के निर्देश का इंतजार न किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय संघर्ष की कोशिशें प्रदेश हित के विरुद्ध हैं और किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी। इटावा में कथावाचक के साथ मारपीट और चोटी काटने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने एसएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव को फटकार लगाने के साथ ही औरैया व कौशांबी में भी ऐसी ही घटनाओं पर वहां के एसपी को जमकर डांटा। उन्होंने इटावा में कथावाचक मुकुट मणि यादव के पास मिले दो आधार कार्ड को लेकर भी उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन किसी शरारतीतत्व को इससे खिलवाड़ करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए। धार्मिक यात्राओं में हथियारों का प्रदर्शन और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग सौहार्द को बिगाड़ता है। इन पर पूरी सख्ती से रोक लगाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए। झूठी खबरों और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए इंटरनेट मीडिया पर निगरानी करने के भी निर्देश दिए और कहा कि इनका तत्काल खंडन किया जाए।
    मुख्यमंत्री ने बुधवार को सरकारी आवास पर आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये कहा कि 11 जुलाई से नौ अगस्त तक पवित्र श्रावण मास रहेगा। इस दौरान पारंपरिक कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे पर्व मनाए जाएंगे। 27 जून से आठ जुलाई तक जगन्नाथ रथ यात्रा तथा 27 जून से छह व सात जुलाई तक मोहर्रम के आयोजन संभावित हैं। यह समय प्रदेश की कानून-व्यवस्था, चिकित्सा, स्वच्छता, शिक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए सभी संबंधित विभाग व जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।