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7 फर्जी पहचान, आध्यात्मिक गुरु का चोला; दिल्ली एयरपोर्ट से भागे ब्रिटिश नागरिक का गोवा कनेक्शन उजागर

Published: Tue, 22 Sep 2026 04:38 AM (IST)

ब्रिटिश नागरिक जॉर्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक, जो भारत में सात फर्जी पहचानों के साथ रह रहा था, नेपाल जाते समय ...और पढ़ें

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HighLights

  1. ब्रिटिश नागरिक जॉर्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक सात फर्जी पहचानों का उपयोग कर रहा था।

  2. वह दिल्ली एयरपोर्ट से भागकर गोवा में आध्यात्मिक गुरु बना था।

  3. बिना वैध वीजा के भारत में लंबे समय से रह रहा था।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। पासपोर्ट, वीजा के बिना भारत से नेपाल जाने के प्रयास में पकड़ा गया ब्रिटेन का जॉर्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक उर्फ जॉर्डन ब्राउन उर्फ लोगन मिलर भारत में लंबे समय से पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने भारत में लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए सात तरह की पहचान का उपयोग किया था।

पुलिस को दर्ज कराए बयान में जार्डन ने स्वीकार किया है कि गोवा में उसने कुंडलिनी एक्सपिरिएंस अवेकिंग स्कूल नाम से एक कथित बिजनेस प्रोफाइल बनाया और इसी नाम से टेलीग्राम प्रोफाइल तथा हीलविथइन पेज नाम से वेबसाइट चला रहा था, जिससे उसकी आय होती रही। उसका वास्तविक नाम लोगन मिलर है। सोनौली सीमा पर पकड़े जाने के समय उसने खुद को जॉर्डन ब्राउन निवासी कैलिफोर्निया, अमेरिका बताया था।

बाद के बयानों में उसने जॉर्डन, जार्डी, लोगन समेत अन्य नामों का उपयोग करने और मोबाइल तथा आनलाइन खातों में भी अलग-अलग नाम रखने की बात कही। आरोपित ने पहले पुलिस को बताया था कि वह भारत आने के लिए समुद्री रास्ते से श्रीलंका होकर आया था। बाद में उसने बयान में थाईलैंड से विमान के जरिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने की बात कही।

दस्तावेजों में कमी मिलने के बाद इमिग्रेशन विभाग ने उसे अमेरिका भेजने की कार्रवाई शुरू की तो वह एयरपोर्ट से फरार हो गया। वह नवंबर 2025 से भारत में बिना वैध वीजा और पासपोर्ट के रह रहा है। दिल्ली से निकलने के बाद जनवरी में वह उत्तरी गोवा पहुंचा, जहां जनवरी 2026 के अंत में उसकी मुलाकात एक महिला से हुई और जनवरी से मार्च तक दूसरी युवती के साथ उत्तरी गोवा में रहा। मार्च में वह दक्षिणी गोवा चला गया।

इसी दौरान गतिविधियों को छिपाने के लिए आध्यात्मिक गतिविधियों का आवरण तैयार करने और कुंडलिनी एक्सपिरिएंस अवेकिंग स्कूल नाम से प्रोफाइल बनाया। आरोपपत्र पर न्यायालय में सुनवाई के बाद आरोप तय करते हुए सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई की अगली तिथि 28 सितंबर को तय की गई है।

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