विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नेपाल में फिर तबाही! बूढ़ीगंडकी नदी में बहकर आया मलबा, पावर हाउस समेत कई घर बहे

By Vishwadeepak TripathiEdited By: Vivek Shukla
Published: Sun, 11 Oct 2026 08:26 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Oct 2026 12:50 PM (GMT+05:30)

नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ीगंडकी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसमें कई घर, झूलापुल ...और पढ़ें

HighLights

  1. बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक बाढ़ से गोरखा में भारी तबाही।

  2. कई घर, पुल और जलविद्युत परियोजना का पावर हाउस बहा।

  3. गंडकी प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक क्षति का विवरण जारी किया।

संवाद सूत्र, भैरहवा (नेपाल)। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार को बूढ़ीगंडकी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ में कई घर बह गए, कई झूलापुल और पक्के पुल क्षतिग्रस्त हो गए । एक निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना का पावर हाउस भी बह गया। गंडकी प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक क्षति का विवरण जारी किया है।

विवरण के अनुसार सबसे अधिक नुकसान चुमनुब्री, धार्चे और आरुघाट ग्रामीण नगरपालिकाओं में हुआ है। कई घर पूरी तरह बह गए हैं तो कुछ घरों में पानी घुस गया है। गांवपालिका-3 के न्याकचेत में न्याकचेत से सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुराना झूलापुल बह गया। सिर्दिबास में रामबहादुर गुरुंग का एक कच्चा मकान बाढ़ में बह गया, जबकि दूसरे मकान में पानी घुस गया। सल्लेरी में निर्माणाधीन सहज ऊर्जा पावर हाउस और आसपास के आठ मकान बहने की सूचना है।

धार्चे गावपालिका-पांच के माछीखोला से केरौजा को जोड़ने वाला झूलापुल बह गया। माछीखोला के निचले बस्ती क्षेत्र में सात मकानों में पानी घुस गया। धार्चे-3 के सल्लेरी में 22 घरों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है।

आरुघाट म गांवपालिका-दो और तीन को जोड़ने वाला सोती स्थित लोहे का पक्का पुल बह गया। इससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गावपालिका-नौ के नयापुल में आरुघाट से धादिंग को जोड़ने वाले पक्के पुल का गोरखा की ओर वाला हिस्सा बह गया।

WhatsApp Image 2026-10-11 at 12.10.05 PM

मुग्लिंन तक जोखिम बढ़ने के बाद रास्ते में रोके गए वाहन। सौ. वीडियो ग्रैब


 

तीन हिस्सों में बना यह पुल क्षतिग्रस्त होने से सड़क संपर्क बाधित है। बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले असर को देखते हुए गंडकी प्रदेश स्वास्थ्य मंत्रालय ने तैयारी तेज कर दी है। मंत्रालय के अनुसार फिलिम, सल्लेरी, जगत और माछीखोला के स्वास्थ्य संस्थान ऊंचाई पर हैं, इसलिए वहां जोखिम कम है।

यह भी पढ़ें- भारत-नेपाल सीमा पर बदला तस्करी का पैंतरा, पगडंडियों व साइकिल के सहारे भारत भेजी जा रही नियारा

आपदा से निपटने के लिए गोरखा, लमजुंग और तनहूं जिलों की जिला स्तरीय त्वरित प्रतिक्रिया टीम और प्रदेश अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन ने बताया कि यह शुरुआती रिपोर्ट है। प्रभावित इलाकों में हेलिकाप्टर से सर्वे और नुकसान के आकलन के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी। लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की गई है।

यह भी पढ़ें- सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों की कतार घटकर हुई तीन किमी, 702 मालवाहक वाहन भेजे गए नेपाल