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भारत-नेपाल सीमा की पगडंडियां बनीं सोने की तस्करी का ट्रांजिट रूट, तस्कर नेपाल के रास्ते भेज रहे चीन-दुबई का गोल्ड

Updated: Mon, 24 Aug 2026 12:21 AM (GMT+05:30)

भारत और नेपाल के बीच सोने के मूल्य में बड़े अंतर का फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हैं, जो नेपाल को चीन, सिंगापुर और दुबई से आने वाले सोने के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत-नेपाल सीमा की पगडंडियां बनीं सोने की तस्करी का ट्रांजिट रूट।

भारत-नेपाल सीमा की पगडंडियां बनीं सोने की तस्करी का ट्रांजिट रूट।

HighLights

  1. भारत-नेपाल सोने के मूल्य अंतर से तस्करों को भारी मुनाफा।

  2. नेपाल बना चीन, दुबई से सोने की तस्करी का ट्रांजिट रूट।

  3. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई।

विश्वदीपक त्रिपाठी, महराजगंज। भारत व नेपाल के बीच सोने के मूल्य में बड़े अंतर को भुनाने में तस्कर जुट गए हैं। चीन, सिंगापुर और दुबई से नेपाल आने वाले सोने पर भारत के मुकाबले कम टैक्स लगने के कारण नेपाल में सोने की कीमत कम है।

तस्कर इसी अंतर का फायदा उठा कर प्रति 10 ग्राम सोने में लगभग 15 हजार का मुनाफा कमा रहे हैं। यदि साेने में मिलावट होती है तो मुनाफा और बढ़ जाता है। अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह नेपाल को एक सुरक्षित ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

तस्कर दुबई, चीन व सिंगापुर से कानूनी व अवैध तरीके से सोना काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाते हैं। चीन की तातोपानी सीमा भी तस्करी का बड़ा माध्यम बन चुकी है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर 10 किलो सोना की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) व कस्टम ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है।

भारत में सोना तस्करी के लिए तस्कर सोनौली, ठूठीबारी मुख्य मार्ग के साथ ही कनरी चकरार, पिपरा, अशोगवा, पड़ियाताल, झिगटी, रेहरा, अहिरौली, परसा, सेवतरी, मदरी, भगवानपुर, श्मामकाट आदि पगड़डियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। भारतीय क्षेत्र में सोना आते ही इसे दिल्ली, मुंबई, जयपुर कोलकाता, लखनऊ, नोएडा आदि नगरों में ले जाया जाता है।

नेपाल राष्ट्र बैंक देता है सोना आयात की अनुमति

नेपाल राष्ट्र बैंक की अनुमति से वाणिज्यिक बैंक ही तय कोटे के तहत सोने का आयात कर सकते हैं। बाजार की मांग के अनुसार सोना आयात की मात्रा निर्धरित की जाती है। भारत में सोने के आयात पर सीमा शुल्क 15 प्रतिशत है।

इसके अतिरिक्त, सोने की खरीद पर उपभोक्ता को तीन प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर भी देना होता है, जिससे कुल कर लगभग 18 प्रतिशत हो जाता है।

नेपाल में व्यवसायिक और व्यक्तिगत रूप से सोना आयात करने पर सीमा शुल्क और लग्जरी टैक्स लागू होता है, जिसमें कच्चे सोने पर आमतौर पर 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक सीमा शुल्क और बिक्री पर दो प्रतिशत लग्जरी टैक्स का प्रावधान है।

नेपाल में पिछले वित्तीय वर्ष में 1520 किलोग्राम सोने का आयात किया गया था। इसका कुल मूल्य 29.15 अरब नेपाली (भारतीय 18.21 अरब) था। भारत में सोने का भाव 10 ग्राम के हिसाब से तय होता है, जबकि नेपाल में पारंपरिक रूप से सोने का कारोबार तोला (एक तोला 11.66 ग्राम) में होता है।

भारत में सर्वाधिक है सोने का मूल्य

भारत में सोने का मूल्य सबसे अधिक है। चीन में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,34,000 है, सिंगापुर में 1,45,181, दुबई में 1,41,600, नेपाल में 1,42,000 है। जबकि भारत में इसकी कीमत 1,55,000 के करीब है। वैस तो सोना का वैश्विक कीमत सामान्य होता है। लेकिन अलग-अलग देशों में कस्टम ड्यूटी के चलते मूल्य में अंतर है। ऐसे में जीएसटी सहित अन्य शुल्क में अंतर का लाभ उठा तस्कर 10 ग्राम में 15 हजार से अधिक का मुनाफ़ा कमा रहे हैं।

सोना की प्रमुख बरामदगी

  • 22 अगस्त 2026 को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर दुर्घटनाग्रस्त कार से 10.026 किलो सोना बरामद
  • तीन अगस्त को इंदौर एयरपोर्ट पर 1.02 किलो सोना बरामद
  • छह अगस्त को कटनी जंक्शन पर कमर-पेटी में छिपाया 748.10 ग्राम सोना बरामद।
  • आठ अगस्त को नागपुर में 2.165 किलो सोना बरामद
  • 14 अगस्त को भंडारा-नागपुर रेलखंड पर दुरंतो एक्सप्रेस से 1.242 किलो सोना बरामद
  • 14 अगस्त को इंदौर में तीन किलो सोना बरामद।
  • दिसंबर 2025 को भारत-नेपाल की ठूठीबारी सीमा पर 100.610 ग्राम सोने का बिस्किट बरामद।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सोना बरामदगी के बाद सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सोना तस्करी रोकने के लिए नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क किया गया है। दोनों तस्करों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर सोना तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। -संजय मिश्र, कस्टम अधीक्षक, सोनौली।