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    कोर्ट के फैसले से नाराज युवक पेड़ पर चढ़ा, डाली टूटते ही नीचे गिरा फिर… मचा हड़कंप, घंटों चला ड्रामा

    Updated: Mon, 15 Jun 2026 10:12 PM (IST)

    महराजगंज दीवानी न्यायालय में 21 साल पुराने हत्याकांड में तीन आरोपियों के बरी होने पर मृतक के भाई और बेटे ने पेड़ पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 21 साल पुराने हत्याकांड में तीन आरोपी बरी हुए।

    2. मृतक के भाई-बेटे ने न्यायालय परिसर में पेड़ पर चढ़कर विरोध जताया।

    3. विरोध के दौरान एक भाई पेड़ से गिरा, पुलिस ने बचाया।

    जागरण संवाददाता, महराजगंज। दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 21 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में न्यायालय द्वारा शेष तीन आरोपितों को बरी किए जाने के बाद मृतक के भाई व पुत्र पेड़ पर चढ़ गए। इस घटना के दौरान न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम लोगों की भारी भीड़ जुट गई। काफी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा गया।

    यह है पूरा मामला

    पनियरा थाना क्षेत्र के मौलागंज निवासी कन्हैया पहलवान की 24 जुलाई 2005 को कोतवाली क्षेत्र के चेहरी स्थित बलिया पुल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

    इस मामले में मृतक के पिता रामअवध यादव की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद सात आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे के परीक्षण के दौरान सात में से चार आरोपितों की मृत्यु हो गई।

    सोमवार को न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद शेष तीन आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। न्यायालय के फैसले से निराश मृतक का सेना में तैनात भाई लक्ष्मण यादव तथा पुत्र टूटू यादव न्यायालय परिसर स्थित पीपल के पेड़ पर चढ़ गए। दोनों फैसले के विरोध में नाराजगी जताने लगे, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    सूचना मिलते ही न्यायालय सुरक्षा कर्मियों के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार पंकज शाही, नायब तहसीलदार देश दीपक त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

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    किसी भी अनहोनी से बचने के लिए फायर ब्रिगेड और क्रेन भी बुला ली गई। अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने दोनों को समझाते हुए बताया कि न्यायिक निर्णय के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील का कानूनी विकल्प उपलब्ध है।

    काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद मृतक का पुत्र टूटू यादव पेड़ से नीचे उतर आया, लेकिन फौजी भाई लक्ष्मण यादव नीचे आने को तैयार नहीं हुआ। इसी बीच जब क्रेन की मदद से उसके पास पहुंचने का प्रयास किया गया तो वह पेड़ पर और ऊपर चढ़ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह एक पतली डाल पर पहुंच गया, जो उसका भार नहीं सह सकी और टूट गई। डाल टूटते ही वह नीचे आ गिरा।

    हालांकि, नीचे मौजूद पुलिसकर्मियों ने चादर तानकर उसे सुरक्षित बचा लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होने से बच गया। घटना के कारण न्यायालय परिसर में कई घंटे तक लोगों की भीड़ जुटी रही और सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।

    सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।