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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा महराजगंज, सोहगीबरवा के सिंगरहना ताल को मिलेगा रामसर साइट का दर्जा

Published: Tue, 18 Aug 2026 02:40 PM (IST)

महराजगंज के सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग में स्थित 100 हेक्टेयर के सिंगरहना ताल को रामसर साइट घोषित करने का प्रस्ताव ...और पढ़ें

सौ हेक्टेयर में फैला है उत्तरी चौक रेंज में स्थित सिंगरहना ताल। जागरण

सौ हेक्टेयर में फैला है उत्तरी चौक रेंज में स्थित सिंगरहना ताल। जागरण

HighLights

  1. सिंगरहना ताल को रामसर साइट घोषित करने का प्रस्ताव।

  2. अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से इको-टूरिज्म को बढ़ावा।

  3. संरक्षण हेतु विशेष आर्थिक सहायता और निगरानी सुनिश्चित।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज में स्थित सिंगरहना ताल को रामसर साइट घोषित करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जून माह में स्थानीय वन्य जीव प्रभाग द्वारा 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस ताल को रामसर साइट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे अब केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।

इससे महराजगंज जिले के सिंगरहना ताल को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे इको टूरिज्म (पर्यावरण के साथ पर्यटन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

उत्तरी चौक रेंज के घने जंगल में स्थित ताल जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। जहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ और अन्य जलीय जीव करते हैं। यह ताल वन्य जीवों की प्यास बुझाने का भी कार्य करता है। रामसर साइट घोषित होने के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

जून माह में वल्ड वाइड फंड फार नेचर और राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण की टीम ने इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। सभी टीमों की सहमति के बाद सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग कार्यालय से प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया था। रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर ताल के संरक्षण के लिए विशेष आर्थिक सहायता और जैव विविधता तथा जल सुरक्षा की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे ने बताया कि यदि सिंगरहना ताल को रामसर साइट घोषित किया जाता है, तो यह जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। महराजगंज जिले में इको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।