बादल फटने से नेपाल में बाढ़ का कहर, भारतीय क्षेत्र में अलर्ट
नेपाल में त्रिशूली नदी में बादल फटने से भीषण बाढ़ आ गई है, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई ...और पढ़ें

HighLights
त्रिशूली नदी में बादल फटने से नेपाल में बाढ़।
नौ लोगों की मौत, 26 पुलिसकर्मी लापता बताए गए।
महराजगंज में भारतीय क्षेत्र के लिए बाढ़ अलर्ट।
संवाद सूत्र, भैरहवा (नेपाल)। त्रिशूली नदी में बादल फटने से नेपाल में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अचानक पानी बढ़ने से नदी पर बने 19 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और नौ लोगों की मृत्यु की सूचना है। बचाव कार्य में जुटे 26 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को देखते हुए महराजगंज जिला प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया है।
नेपाल के सड़क विभाग के उपमहानिदेशक शुभराज न्यौपाने के अनुसार, बाढ़ के कारण त्रिशूली नदी पर स्थित 19 पुलों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से कम से कम 40 किलोमीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई है और कई स्थानों पर सड़क टूट गई है। न्यौपाने ने बताया कि क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में सड़क विभाग ने भारी उपकरण और मशीनें परिचालन में लाकर स्थिति सुधारने का कार्य शुरू कर दिया है। नेपाली सेना ने बाढ़ से प्रभावित 25 लोगों को सुरक्षित बचाया है। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सेना की टीम ने रसुवा के टिमुरे, स्याफ्रु और नुवाकोट के त्रिशूली क्षेत्र से इन लोगों का बचाया।
सैनिक प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने बताया कि सेना के 6 और निजी क्षेत्र के 8 समेत कुल 14 हेलीकाप्टर प्रभावित क्षेत्रों में परिचालन कर रहे हैं। ये हेलीकाप्टर घायलों और प्रभावित लोगों के उद्धार तथा राहत कार्य में सहयोग करेंगे। सेना ने घायलों के उपचार के लिए 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम त्रिशूली स्थित मैथली बैरक में तैनात की गई है। त्रिशूली अस्पताल से सड़क संपर्क टूट जाने के बाद बैरक में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की टीम को तैनात किया गया है।
रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ में फंसने के बाद 26 पुलिसकर्मी संपर्कविहीन हो गए हैं। केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता प्रहरी नायब महानिरीक्षक अविनारायण काफ्ले के अनुसार, रसुवा के टिमुरे, स्याफ्रुबेंसी, सिम्ले और मैलुङ में तैनात विभिन्न पुलिस इकाइयों के 26 पुलिसकर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बाढ़ के बाद चलाए जा रहे खोज एवं उद्धार अभियान के दौरान नुवाकोट और धादिङ में आठ लोगों के शव बरामद किए गए हैं।

बाढ़ से भोटेकोशी के तटीय क्षेत्र में स्थित बस्तियों, पुलों और सड़क सहित अन्य बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। प्रशासन और सुरक्षा निकाय क्षति का विवरण संकलित करने का प्रयास कर रहे हैं। महराजगंज सिंचाई खंड दो के अधिशिसी अभियंता ई. राजीव कपिल ने बताया कि नेपाल में भारी वर्षा व बाढ़ को देखते हुए गंड़क, रोहिन सहित सभी नदियों पर नजर रखी जा रही है।
महराजगंज में अलर्ट
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि आज सुबह करीब नौ बजे टिमुरे बाजार व आसपास के नदी तटीय क्षेत्रों में क्षति की सूचना मिली है। इसका असर भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र के जरिए निचले क्षेत्रों में पड़ने की आशंका को देखते हुए गंडक नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
डीएम के निर्देश पर सभी तहसीलों, राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ व अन्य विभागों को अलर्ट किया गया है। नदी तटीय व निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पूरी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, नदी-नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं, बच्चों, बुजुर्गों व पशुओं को भी दूर रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आपात स्थिति में संपर्क करें: जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC), महराजगंज - 05523-222162, 1077 (आपदा हेल्पलाइन), 9628819145, 9621333537
