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नेपाल बाढ़ त्रासदी का भयावह मंजर, चितवन में 199 अज्ञात शव दफन, पहचान के लिए डीएनए सुरक्षित

Published: Mon, 31 Aug 2026 08:12 PM (IST)

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चितवन में 272 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से 199 अज्ञात शवों को डीएनए नमूने सुरक्षित कर दफनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

जागरण संवाददाता, महाराजगंज। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तबाही का मंजर लगातार सामने आ रहा है। बाढ़ के पानी में बहकर चितवन पहुंचे शवों की संख्या बढ़ने से प्रशासन के सामने उनके सुरक्षित रखरखाव और पहचान की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

जिले में अब तक 272 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 199 अज्ञात शवों को डीएनए नमूने और पहचान संबंधी विवरण सुरक्षित करने के बाद देवघाट वन क्षेत्र में दफना दिया गया है।

जिला पुलिस कार्यालय चितवन के प्रमुख पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामेश्वर पौडेल के अनुसार, बरामद शवों में 110 पुरुष, 62 महिलाएं, सात बालक और छह बालिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा 87 मानव अंग व अन्य अवशेष भी बरामद हुए हैं।

कई शव लंबे समय तक पानी और मलबे में रहने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे मौके पर पहचान करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने प्रत्येक अज्ञात शव से डीएनए नमूना लेने के साथ पहचान चिह्न और अन्य विवरण सुरक्षित किए हैं। चितवन प्रशासन ने अज्ञात शवों को अस्थायी रूप से दफनाने की प्रक्रिया अपनाई है।

प्रशासन का कहना है कि शवों के सड़ने से स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ रहा था और अस्पतालों व शवगृहों में रखने की क्षमता भी प्रभावित हो रही थी। दफन किए गए शवों का रिकार्ड सुरक्षित रखा गया है।

भविष्य में किसी परिवार के सदस्य के लापता होने की पुष्टि होने पर डीएनए मिलान के जरिए पहचान की जाएगी। पहचान होने पर संबंधित शव या अवशेष को कब्र से निकालकर स्वजन को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जा सकेगा।

बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने लापता स्वजन की तलाश में चितवन पहुंच रहे हैं। शवों की तस्वीरों और पहचान संबंधी विवरण के माध्यम से मिलान का प्रयास किया जा रहा है।

त्रिशूली और भोटेकोशी नदी के बहाव में दूर-दूर तक शव बहकर आने के कारण चितवन इस समय आपदा में मृतकों की पहचान और शव प्रबंधन का प्रमुख केंद्र बन गया है।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां बरामद शवों का विवरण लगातार दर्ज कर रही हैं, ताकि किसी परिवार की उम्मीद पूरी तरह खत्म न हो और पहचान का रास्ता खुला रहे।

चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्याल के नेतृत्व में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां शवों के प्रबंधन तथा उनकी पहचान की प्रक्रिया में जुटी हैं। अब तक 199 शवों को अस्थायी रूप से मिट्टी में दफना दिया गया है।