विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Gen Alpha Protest: जर्जर सड़क, जलभराव... 3 गांवों के छात्र पहुंचे महोबा कलेक्ट्रेट; बीएसए ने गोद में उठा पूछी समस्या

Published: Mon, 24 Aug 2026 04:09 PM (IST)

Gen Alpha Protest: महोबा में जर्जर सड़कों और जलभराव से परेशान तीन गांवों के करीब सौ स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ...और पढ़ें

सड़क निर्माण की मांग काे लेकर प्रदर्शन करते बच्चे। जागरण

सड़क निर्माण की मांग काे लेकर प्रदर्शन करते बच्चे। जागरण

HighLights

  1. तीन गांवों के करीब सौ से अधिक स्कूली बच्चों व ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन  किया

  2. बच्चों ने हमारी मांगें पूरी करो.....खस्ताहाल सड़क बनवाओ....आदि नारे लगाए

  3. एडीएम नमामि गंगे, एसडीएम सदर व बीएसए ने दिया समस्याओं के निस्तारण का भरोसा

जागरण संवाददाता, महोबा। Gen Alpha Protest: जर्जर सड़कों और जलभराव को लेकर अब ग्रामीणों के साथ ही बच्चे भी लगातार अपने हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं। अव्यवस्थाओं का लेकर उनमें आक्रोश दिख रहा है। सोमवार को तीन गांवों के करीब सौ से अधिक स्कूली बच्चों व ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपनी समस्याएं बताई। प्रदर्शन में कक्षा 6 से इंटर तक के बच्चे शामिल थे। इस दौरान अधिकारियों का रूम नरम रहा। बीएसए ने बच्चों को गोद में उठा समस्या पूछी।

उन्होंने हमारी मांगें पूरी करो... खस्ताहाल सड़क बनवाओ... आदि नारे लगाए। एडीएम नमामि गंगे सूर्यकांत त्रिपाठी, एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय व बीएसए राहुल मिश्रा ने उनकी समस्याएं सुनीं और गांव में खुद जाकर निराकरण का भरोसा दिया, तब जाकर ग्रामीण व बच्चे शांत हुए।

पक्की सड़क तक नहीं, कीचड़ से होकर जाते स्कूल

ब्लाक कबरई के ग्राम इलाहीपुरा ग्योड़ी के मजरा सिद्धनडेरा निवासी ग्रामीण रामप्रकाश, सुनिया, जयदेव, राकेश व छात्र कमल, मोनू, आकांक्षा, ज्ञानवती आदि ने बताया कि उनका मजरा मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर अंदर है। यहां से 25-30 बच्चे खन्ना, कबरई आदि जगहों पर परिषदीय विद्यालयों के साथ ही इंटर कालेजों में पढ़ने जाते हैं। यहां जाने के लिए सिर्फ 3-4 मीटर चौड़ी पगडंडी है, कोई पक्की सड़क नहीं है। बारिश में कीचड़ और जलभराव से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। बीमार और प्रसूताओं को भी आने-जाने में दिक्कत होती है। करीब 2 किमी पैदल तय कर ग्योड़ी से खन्ना तक जाना पड़ता है।

gen alpha protest mahoba

बच्चों से वार्ता करते एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय। जागरण 

अभिभावकों ने स्कूल भेजना भी बंद किया

ग्राम दिसरापुर, बिलवई के अजय, मनोज, गुलनाज आदि छात्रों व ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव स्थित दरगाह से रेल पटरी के बाद तक मुख्य मार्ग से मिलाती हुई करीब 2 से 3 किमी तक कोई पक्की सड़क या खड़ंजा नहीं है। वर्तमान में घुटनों तक पानी भरा है और दलदल बना है। स्कूली बच्चे आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और कई बच्चे चोटिल हो चुके हैं, जिससे अभिभावकों ने उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

एंबुलेंस नहीं आ पाती, चारपाई से ले जाते मरीज

गर्भवती महिलाओं को लेने एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, उन्हें चारपाई पर लादकर सड़क तक लाना पड़ता है। बुजुर्ग भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की है।

17 अगस्त को हाईवे किया था जाम

इसके पूर्व भी ग्राम दिसरापुर के ग्रामीणों व बच्चों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा था। वहीं 17 अगस्त को रैपुराखुर्द के बच्चों ने झांसी-मीरजापुर हाईवे जाम किया था। इसके बाद अगले दिन डीएम गजल भारद्वाज व एसपी शशांक सिंह ने गांव पहुंचकर समस्याएं सुनकर निस्तारण का भरोसा दिया था। इसी मामले में जाम लगाए छात्रों से बदसलूकी करने पर शहर कोतवाल मनीष पांडेय व तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है।

gen alpha protest mahoba

बच्चे को गोद में उठाकर वार्ता करते बीएसए राहुल मिश्रा। जागरण 

बीएसए ने बच्चे को गोद में उठाकर पूछी समस्या

कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान बीएसए राहुल मिश्रा ने एक बच्चे को गोद में उठा लिया। छात्र अनिल ने बताया कि वह कक्षा-5 में पढ़ता है और स्कूल जाने के रास्ते में तो कम पानी है, लेकिन अन्य रास्तों में ज्यादा पानी भरा हुआ है। बच्चों ने कहा कि वे खुद चलकर गांव में सड़कों को देखें। इस पर बीएसए ने मौके पर जाकर निरीक्षण कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने का भरोसा दिया।

यह भी पढ़ें- हमारी सड़क बनवाओ... महोबा में बदहाल सड़क के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, झांसी-मिर्जापुर हाईवे जाम; 45 मिनट थमे वाहन