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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Unnao Accident: रजिस्ट्रेशन महोबा से लेकिन दूसरों शहरों से चल रही बसें, उन्नाव हादसे के बाद सवालों को घेरे में ARTO कार्यालय

    Updated: Wed, 10 Jul 2024 03:34 PM (IST)

    उन्नाव में जिस बस से यह हादसा हुआ वह महोबा की बताई जा रही है। बस का रज‍िस्‍ट्रेशन भले ही महोबा के उप संभागीय परिवहन कार्यालय से हुआ है लेकिन यह बस कभी ...और पढ़ें

    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में क्षति‍ग्रस्‍त बस।
    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में क्षति‍ग्रस्‍त बस।

    HighLights

    1. उन्नाव में जिस बस से हुआ हादसा, वह महोबा की बताई जा रही है
    2. बस नंबर से पता चला कि वह महोबा जिले में केसी जैन ट्रैवल्स के नाम पर रज‍िस्‍टर्ड है
    3. करीब 50 से अधिक बाहरी बसों का किया गया है रजिस्ट्रेशन

    जागरण संवाददाता, महोबा। उन्नाव के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में बस सवार 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। जिस बस से यह हादसा हुआ वह महोबा की बताई जा रही है। बस का रज‍िस्‍ट्रेशन भले ही महोबा के उप संभागीय परिवहन कार्यालय से हुआ है, लेकिन यह बस कभी महोबा नहीं आयी। एक या दो नहीं करीब 50 बसें यहां ऐसी हैं जो दूसरे शहरों व राज्यों से संचालित हो रही हैं, लेकिन उनका रजि‍स्‍ट्रेशन महोबा से है।

    उन्नाव हादसे की बस नंबर से पता चला कि वह महोबा जिले में केसी जैन ट्रैवल्स के नाम पर रज‍िस्‍टर्ड है। केयर ऑफ एड्रेस बस पुष्पेंद्र सिंह के नाम पर है। पुष्पेंद्र सिंह खन्ना थाना क्षेत्र ग्राम मबाई खुर्द के निवासी बताए जाते हैं।

    ब‍िचौल‍ियों के माध्‍यम से क‍िया गया था बसों का रज‍िस्‍ट्रेशन   

    बताया जाता है कि छह साल पहले एआरटीओ कार्यालय में बिचौलियों के माध्यम से करीब 50 बसों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। इनका केयर ऑफ कोई और था और बसें किसी के नाम से संचालित हैं। यह बसें कभी महोबा भी नहीं आईं, उस समय बस एसोसिएशन ने आपत्ति भी दर्ज कराई थी।

    बसों के रजिस्ट्रेशन में बड़ा खेल

    हर बार चुनाव में इन बसों को बुलाने की बात की जाती है पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस तरह बस महोबा के नाम से रजिस्टर्ड है और चल कहीं और रही। बसों के रजिस्ट्रेशन में बड़ा खेल हुआ है। विभागीय दलालों ने लोगों के फर्जी कागजात लगाकर बसों का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया। जानकारी होने पर कई लोगों ने विभाग से इसकी शिकायत की पर आजतक कुछ नहीं हो सका।

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    कटघरे में महोबा का एआरटीओ कार्यालय 

    उन्नाव हादसे के बाद अब महोबा का एआरटीओ कार्यालय भी कटघरे में है। जिस पुष्पेंद्र सिंह के नाम से से यहां से बस पंजीकृत हुई। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कहा कि बस के रजिस्ट्रेशन में किसी तरह की अनियमितता हुई है उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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