विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चरखारी विधायक के कहने पर सर्वेयरों को पहनाई जूतों की माला, महिलाओं के कपड़े पहना गांव में घुमाया

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:52 PM (GMT+05:30)

चरखारी विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत के कहने पर महोबा में दो सर्वेयरों को महिलाओं के कपड़े पहनाकर और जूतों की ...और पढ़ें

सर्वेयर से वीडियो काल पर बात करते विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत। इंटरनेट मीडिया

सर्वेयर से वीडियो काल पर बात करते विधायक चरखारी बृजभूषण राजपूत। इंटरनेट मीडिया 

HighLights

  1. चरखारी विधायक के कहने पर सर्वेयरों को अपमानित किया गया

  2. सर्वेयरों पर किसानों से फसल बीमा के नाम पर वसूली का आरोप

  3. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, विधायक ने कार्रवाई की मांग की

जागरण संवाददाता, महोबा। इस साल जनवरी में जल जीवन मिशन और नमामि गंगे योजना के कार्यों में लापरवाही को लेकर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह से विवाद के चलते सुर्खियों में आए चरखारी विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत फिर चर्चा में हैं। इस बार विधायक का गुस्सा दो सर्वेयरों पर फूटा, जो बारिश में नष्ट फसल के सर्वे के लिए आए थे।

विधायक के कहने पर ग्रामीणों ने दोनों को न केवल ब्लाउज-पेटीकोट पहनाया, बिंदी लगाकर जूतों की माला भी पहना कर गांव में घुमाया। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अधिक मुआवजा दिलाने के नाम पर 200 किसानों से एक से पांच हजार रुपये तक की वसूली की। सीओ दीपक दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

ग्राम नटर्रा में गुरुवार शाम को ग्रामीणों ने पकड़े गए सर्वेयरों की विधायक बृजभूषण राजपूत से वीडियो काल पर बात कराई। वीडियो में विधायक ने कहा कि "सर्वे के नाम पर पैसा लोगे। प्रधान जी, इनको जूता चलाओ, माला पहनाओ, पेटीकोट पहनाओ। बिंदी व चूड़ी पहनाओ, इसका वीडियो बनाओ और फिर मुझे दिखाओ।"

उन्होंने सर्वेयर से कहा कि झूठ बोलते हो, किसानों को लूट रहा है सर्वे के नाम पर, शर्म नहीं आती।" जिले में अतिवृष्टि से उड़द, तिल व मूंगफली की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों का दावा है कि 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी इफको-टोकियो ने सर्वे के लिए निजी एजेंसी ग्लोबल अर्क को जिम्मेदारी सौंपी थी।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम ओढ़ी निवासी सर्वेयर धीरज कुमार पटेल, इसी जिले के रजौरा के ओमप्रकाश बीते एक सप्ताह से सर्वे कर रहे थे। उन्हें गूगल मैप से फोटो लेकर कंपनी को भेजना था। प्रति गाटा 50 रुपये मिलने थे।

बीते साल नदी-पहाड़ व वन भूमि पर फसल का बीमा दिखाकर 40 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में जिस इफको टोकियो कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत 34 लोगों को जेल भेजा गया था, उसको ही फिर बीमा सर्वे का जिम्मा देने से किसानों में नाराजगी है। उप निदेशक कृषि रामसजीवन ने बताया कि सर्वे बीमा कंपनियां करती हैं। विभाग इसमें कुछ नहीं करता। शासन से कंपनी तय होती है।

किसान इंद्रपाल कुशवाहा का आरोप है कि उनसे पांच हजार रुपये आनलाइन लेकर सर्वेयरों ने फसल का नुकसान ज्यादा दर्ज करने का झांसा दिया था। लगभग 200 किसानों से एक हजार से पांच हजार रुपये तक वसूले। चरखारी विधायक ने कहा कि किसानों से वसूली करने वालों को ऐसे ही सबक सिखाना चाहिए। केवल सर्वेयर दोषी नहीं हैं, बल्कि कंपनी के उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सभी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराएंगे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।