कौन हैं बवंडर बाबा? जो ब्रज को बनाना चाह रहे नशामुक्त, सिर पर 21 हजार हस्ताक्षर की पोटली लेकर CM से मिलने निकले
बवंडर बाबा 21 हजार हस्ताक्षरों की पोटली लेकर नंगे पैर वृंदावन से अयोध्या और फिर लखनऊ जा रहे हैं। उनका संकल्प है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर ...और पढ़ें

बेवर कपिल मुनि आश्रम पर रात्रि विश्राम के बाद रविवार की सुबह अयोध्या के लिए तैयार बवंडर बाबा और उनके शिष्य। जागरण

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सुनील मिश्रा, बेवर। सिर पर 21 हजार लोगों के हस्ताक्षर की पोटली लेकर पहले अयोध्या और फिर लखनऊ जा रहे बवंडर बाबा शनिवार की देर शाम कस्बा पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह वृंदावन धाम सहित समस्त ब्रज धाम में मांस, मदिरा, अंडा आदि मादक पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित कराने के लिए संकल्परत हैं। वह लखनऊ जाकर हस्ताक्षर की पोटली को सीएम योगी को सौंपेंगे।
वृंदावन से नंगे पैर अयोध्या और फिर लखनऊ जा रहे बंवडर बाबा
बवंडर बाबा ने जागरण को बताया कि वह पांच साल पूर्व सनातन धर्म के प्रचार के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से पैदल ही वृंदावन पहुंचे और वहीं कुटिया बनाकर रहने लगे। वृंदावन सहित समस्त ब्रज धाम में मांस, मदिरा व अंडा सहित अन्य प्रतिबंधित कराने का संकल्प लेकर 21 हजार लोगों के हस्ताक्षर कराने का अभियान चलाया।
लखनऊ में सीएम योगी को सौंपेंगे
इन हस्ताक्षरों की पोटली को सिर पर रखकर वह पहले ही नंगे पैर अयोध्या पहुंचकर राम लला के दरबार पहुंचकर दर्शन करेंगे। इसके बाद लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर यह पोटली उन्हें सौंपेंगे और पूरे बृज क्षेत्र को नशामुक्त, मांस, मदिरा बिक्री निषेध क्षेत्र घोषित करने की मांग करेंगे।
सिर पर रखी 21 हजार हस्ताक्षरों की पोटली
बाबा ने बताया कि वह प्रतिदिन करीब 30 से 40 किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। शाम होने पर सुरक्षित स्थान पर ठहर जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका असली नाम विनोद यादव पुत्र चंदूलाल यादव है। वह इंदौर के रहने वाले हैं और सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी ज्योतिर्लिंगों सहित सभी तीर्थ स्थलों के 10 किमी के दायरे में मांस, मदिरा, अंडा और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री प्रतिबंधित होनी चाहिए।
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बाबा के साथ जा रहे हैं उनके शिष्य
शनिवार रात को उन्होंने बेवर के कपिल मुनि आश्रम पर रात्रि विश्राम किया। बाबा के साथ उनके शिष्य जग्गा कर्मयोगी, योगी राजपूत और पवन कुमार हिंदू भी पैदल चलकर गंतव्य पर आगे बढ़ रहे हैं। रविवार की सुबह वह अयोध्या के लिए रवाना हो गए।