दिल्ली में चलती बस में दुष्कर्म, मैनपुरी में पीड़िता का परिवार छोड़ गया गांव; बेटी के साथ नोएडा गई मां
दिल्ली में चलती बस में दुष्कर्म का शिकार हुई मैनपुरी की किशोरी का परिवार घटना के बाद गांव छोड़कर चला ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। देश की राजधानी दिल्ली में चलती बस में वहशी ड्राइवर और कंडक्टर की हवस का शिकार बनी किशोरी के परिवार घटना के बाद गांव से चला गया। घर पर ताला लटका है। ग्रामीणों को घटना के बारे में जानकारी मिली तो सन्न रह गए। इसके बाद कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
सिर्फ इतना बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार मनाने परिवार आया था और अगले दिन फिर से ताला डालकर लौट गया। घटना में शामिल लोगों को निर्भया कांड जैसी सजा ही मिलना चाहिए।
किशनी थाना क्षेत्र के गांव में रहने वाले परिवार की किशोरी तीन अगस्त को मां से नाराज होकर नोएडा चली गई थी। रोडवेज बस से परी चौक पर उतरने के बाद गलत बस में सवार हो गई, जिसमें उसके साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने दुष्कर्म किया। आरोपितों को दिल्ली पुलिस जेल भेज चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार किशोरी का पिता हरियाणा के पानीपत में प्राइवेट नौकरी करता है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी मां के साथ रहती थी। तीन अगस्त को हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद मां गांव से चली गई थी। इसके बाद घर पर ताला पड़ा रहा। रक्षाबंधन से एक रात पूर्व किशोरी अपनी मां और भाई के साथ गांव आई थी।
पानीपत से पिता भी आया, लेकिन घर में ही रहे। त्योहार के अगले दिन सुबह वापस लौट गए। ग्रामीणों का कहना है कि जिसने भी ये काम किया है, उन्हें निर्भया कांड जैसी सजा ही मिलनी चाहिए। छात्रा के पिता से फोन पर जागरण ने बात की तो उन्होंने बताया कि बेटी ने घटना के बाद थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया था।
दिल्ली पुलिस आरोपितों को जेल भेज चुकी है। वे कुछ काम से गांव आए थे और वापस लौट गए हैं। इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
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