बकरीद के लिए तोताफरी बकरे की भारी डिमांड: मैनपुरी के बाजार में बाइक के बराबर कीमत, खासियत
इस साल महंगाई के कारण बकरों के दाम बढ़े हैं, जिससे छोटे बकरों की बिक्री अधिक हुई है, जबकि खरीदार स्वस्थ और विशिष्ट लक्षणों वाले बकरों को प्राथमिकता दे ...और पढ़ें

भोगांव के गांव आलीपुर खेड़ा में लगे पशु बाजार में बकरों की खरीदारी करते मुस्लिमक समुदाय के युवक। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, भोगांव (मैनपुरी)। कुर्बानी के पर्व बकरीद की तैयारियां जोर पकड़ने लगी है। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी शुरू होते ही गांव आलीपुर खेड़ा की बकरा मंडी गुलजार हो रही है। साप्ताहिक बाजार में मंगलवार को सात हजार से लेकर 55 हजार रुपये तक के बकरों की खरीद-फरोख्त हुई। लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जमकर खरीदारी की।
28 मई को मनाई जाएगी बकरीद
आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को लेकर आलीपुर खेड़ा में क्षेत्र के पहले बड़े साप्ताहिक बाजार में दूर-दराज जिलों से व्यापारी वाहनों में बकरे भरकर पहुंचे। मंडी में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। महंगाई का असर इस बार साफ तौर पर दिखाई दिया। पिछले वर्ष जो बकरे पांच हजार रुपये में बिक रहे थे, उनकी कीमत अब सात हजार रुपये तक पहुंच गई है।
इस बार बाजार काफी महंगा
ग्राहक नसीम अख्तर बताते हैं कि वह बकरा खरीदने आए हैं, लेकिन इस बार बाजार काफी महंगा है। वे कहते हैं कि देसी नस्ल का बकरा काफी अच्छा माना जाता है।
तोताफरी बना पसंद
जैनुद्दीन इदरीसी बताते हैं कि उन्हें तोताफरी पसंद आ रहा है, लेकिन उसका दाम काफी अधिक है। वे कहते हैं कि बकरा एक से डेढ़ साल का होना चाहिए। उसके दो दांत होने के साथ उसका कान कटा नहीं होना चाहिए और पैर टूटा भी नहीं होना चाहिए। बकरा बीमार न हो, यानी कुर्बानी के लिए खरीदा जाने वाला बकरा पूरी तरह से स्वस्थ होना चाहिए।
मेला मालिक अनूप विहारवाल ने बताया कि इस बार आमद तो बड़ी है, लेकिन मंहगाई होने के कारण इस बार बड़े बकरों की खरीददारी कम हुई और छोटे बकरों की बिक्री खूब हुई है।
यह भी पढ़ें- अच्छी खबर: आगरा में 125 करोड़ की लागत से बनेगा दयालबाग-खंदौली पुल, 12 गांव के लोगों का बचेगा पेट्रोल
यह भी पढ़ें- ग्रेटर आगरा टाउनशिप में प्लॉट बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतजार: एडीए ने जारी की दरें, लॉटरी से आवंटन