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मैनपुरी में बनेंगे पांच नए हैलीपैड, VIPs को नहीं आएगी अब दिक्कत; जमीन की तलाश हुई शुरू

By Himanshu Yadav Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 12 Aug 2026 11:57 PM (IST)

मैनपुरी जिले में विशिष्ट व्यक्तियों की हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए पांच नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। नागरिक उड्डयन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

हिमांशु यादव, भोगांव (मैनपुरी)। विशिष्ट व्यक्तियों की हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए जिले में पांच नए हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। नागरिक उड्डयन निदेशालय की पहल पर हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग किशनी, भोगांव, कुरावली, घिरोर, बेवर में नए हेलीपैड का निर्माण कराएगा।

जिले में वर्तमान में पुलिस लाइन में सरकारी हेलीपैड प्रचलित है। अक्सर मुख्यमंत्री व अन्य विशिष्ट अतिथियों की हेलीकाप्टर से यात्रा के दौरान हेलीपैड निर्माण की बात सामने आती है। नागरिक उड्डयन निदेशालय के निर्देश पर लाेक निर्माण विभाग ने पांच नए स्थानों पर हेलीपैड बनाने का निर्णय लिया है। हेलीपैड निर्माण के लिए पांचों स्थानों पर जमीन चिन्हित कराई जा रही है

भोगांव में नेशनल पीजी कालेज, बेवर में नेशनल हाईवे के पास गांव गग्गरपुर में स्थित कृषि विभाग की जमीन पर नया हेलीपैड बनाया जाएगा। हेलीपैड निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जमीन उपलब्धता को लेकर तहसील प्रशासन से संपर्क किया है।

इस मानक से मांगी गई जमीन

नए हेलीपैड निर्माण के लिए 75 गुणा 75 वर्गमीटर की भूमि का मानक तय किया गया है। यहां पहुंच मार्ग की चौड़ाई सात मीटर, मुख्य मार्ग के पास, 300 मीटर दूरी में चारों तरफ कोई अवरोध न होने, जलभराव से रहित जमीन की मांग की गई है।

एक हेलीपैड पर आएगा 83 लाख खर्च

एक हेलीपैड के निर्माण में लोक निर्माण विभाग लगभग 83 लाख का बजट खर्च करेगा। पांच स्थानों पर आधुनिक हेलीपैड बनाने के लिए चार करोड़ से ज्यादा का बजट मांगा गया है। सरकारी जमीनों की मांग प्रशासन से की गई है। बुधवार को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता प्रशांत सिंह, अवर अभियंता मुकेश यादव ने एसडीएम मिथिलेश त्रिपाठी से मुलाकात कर जमीन का प्रस्ताव मांगा।

शासन के निर्देश पर ब्लाक और तहसील मुख्यालय पर नए हेलीपैड बनाने की योजना पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिले में पांच स्थानों पर जमीन चिन्हित कराकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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एके अरुण, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी