मैनपुरी DM ने अपनाए सख्त तेवर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी का रोका एक दिन वेतन, BEO करहल से मांगा स्पष्टीकरण
मैनपुरी जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जन-सुनवाई पोर्टल, जनगणना और लिंक एक्सप्रेस-वे भूमि क्रय की समीक्षा की। उन्होंने लापरवाही पर श्रम प्रवर्तन ...और पढ़ें

मैनपुरी के जिलाधिकारी डा. इंद्रमणि त्रिपाठी।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। जिलाधिकारी डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जूम मीटिंग के माध्यम से जन-सुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण, जनगणना, लिंक एक्सप्रेस-वे हेतु भूमि क्रय आदि बिंदुओं की विभागवार समीक्षा की।
इस दौरान कार्यालय से अनुपस्थित श्रम प्रवर्तन अधिकारी का सोमवार का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए 02 दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और जनगणना कार्य में रुचि न लेने पर खंड शिक्षाधिकारी करहल से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि कई विभागों का फीडबैक शासन स्तर से असंतुष्ट प्राप्त हो रहा है। तहसीलों में भी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति ठीक नहीं है। कहा कि जिन विभागों में 80 प्रतिशत से कम संतुष्ट फीडबैक प्राप्त होगा, ऐसे अधिकारियों का वेतन रोकते हुए कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान पाया कि कई विभागों से संबंधित आइजीआरएस, हेल्पलाइन की शत-प्रतिशत शिकायतों पर असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है। इन्हें डीएम ने कार्यशैली सुधारने, शिकायतकर्ता से वार्ता करने और शिकायत का निराकरण करने का निर्देश दिए।
डीएम ने तहसील, नगर, क्षेत्रवार जनगणना प्रगणकों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि तहसीलों में प्रगणकों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं है, 04 दिन व्यतीत होने के बाद भी कुछ प्रगणकों द्वारा किट प्राप्त नहीं की गई है।
उन्होंने तहसीलदारों, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय से कहा कि ऐसे प्रगणक जिनके द्वारा अभी तक किट प्राप्त नहीं की गई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबन करने की संस्तुति बीएसए को उपलब्ध कराएं। किट प्राप्त करने के बाद भी क्षेत्र में कार्य न करने वाले प्रगणकों को चिह्नित कर उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी और लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।