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    मैनपुरी DM ने चली चाल और फंस गए अफसर, एक जूम मीटिंग ने खोल दी पोल; 18 अधिकारियों का वेतन रुका

    By Devendra Kumar Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 07:38 PM (IST)

    मैनपुरी के जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने अधिकारियों की उपस्थिति जांचने के लिए अचानक जूम मीटिंग की। इसमें 18 अधिकारी अपने कार्यालयों में अनुपस्थित पा ...और पढ़ें

    मैनपुरी के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी।

    मैनपुरी के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी।

    जागरण संवाददाता, मैनपुरी। सरकारी दफ्तरों के खुलने का समय सुबह 10 बजे तय है। फरियादी तो सुबह 9.30 बजे ही पहुंच जाते हैं, इस आस में कि अफसर आएंगे तो सुनवाई का नंबर पहले आ जाएगा। 10 क्या घड़ी 11.30 भी बजा दे लेकिन साहब की गाड़ी आ ही नहीं पाती। ऐसी ही शिकायतों को देखते हुए डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी ने अनूठी चाल चली और जिले के 18 बड़े अफसर फंस गए।

    जिलाधिकारी ने सोमवार को जूम मीटिंग के माध्यम से प्रातः 10.10 बजे अधिकारियों का समय से कार्यालय में उपस्थित होने का रियलिटी चेक किया। इसमें 18 अधिकारी ऐसे मिले जो कि समय से कार्यालय नहीं पहुंचे थे। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। इससे अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है

    जिलाधिकारीडा. इंद्रमणि त्रिपाठी प्रत्येक कार्य दिवस में अपने कार्यालय में बैठकर सुबह 10 बजे से अधिकारियों के साथ जूम मीटिंग करते हैं। इसमें वह अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हैं। सोमवार को उन्होंने अचानक जूम मीटिंग के माध्यम से अधिकारियों के कार्यालय आने का रियलिटी चेक कर लिया। इसमें 18 अधिकारी फेल रहे।

    इनमें से कुछ अधिकारी आफिस के रास्ते में मोबाइल से कनेक्ट मिले, कुछ ने बताया कि वह क्षेत्र में शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं। जूम मीटिंग के माध्यम से अधिकारियों की कार्यालय में उपस्थित की जानकारी करने पर बीईओ घिरोर, कुरावली, सीडीपीओ बेवर, घिरोर, बरनाहल, प्रभारी चिकित्साधिकारी बेवर, कुरावली, एडीओ पंचायत घिरोर, बरनाहल, करहल, कुरावली एवं पशु चिकित्साधिकारी बेवर, सुल्तानगंज, घिरोर, करहल, जागीर, कुरावली, किशनी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।

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    जिस पर उन्होंने अनुपस्थित सभी अधिकारियों का एक दिन के वेतन पर रोक लगाते हुए कार्यालय में समय से उपस्थित न होने पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देशों के बाद भी कुछ अधिकारी समय से कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी अधिकारी, कर्मचारी समय से कार्यालय उपस्थित हों

    अपने-अपने कार्यालय में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक उपस्थित रहकर जन-शिकायतें सुनें। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि सभी अधिकारी प्रत्येक दशा में ठीक 10 बजे अपने-अपने कार्यालय में पहुंचकर जूम मीटिंग से जुड़ें यदि भविष्य में कोई अधिकारी जूम मीटिंग से अनुपस्थित पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।