मैनपुरी: बेहतर प्रबंध के दावे धड़ाम, रोडवेज बसों में खड़े होने की भी जगह न मिली
मैनपुरी डिपो पर रोडवेज बसों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जहां बसों की कमी और परिचालकों ...और पढ़ें

मैनपुरी में रक्षाबंधन पर बस के अंदर घुसने को होती मारामारी।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) बसों में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के प्रबंध न करा सका। मैनपुरी डिपो पर सुबह से ही स्थिति बिगड़ गई। 76 बसों की उपलब्धता के बावजूद दोपहर होते-होते स्टेशन परिसर में समस्या बढ़ गई।
बसों की अनुपलब्धता तो रही, परिचालकों द्वारा बसों के दरवाजे बंद कर दिए जाने के बाद यात्री भड़क गए। मनमानी का आरोप लगा विरोध शुरू कर दिया। पुलिस को पहुंचकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।
मैनपुरी डिपो प्रबंध तंत्र द्वारा दावा किया गया था कि शुक्रवार को बसों का बेहतर संचालन होगा, लेकिन स्थिति उलट रही। सुबह पांच बजे से दिल्ली रूट के लिए बसों को तो शांतिपूर्वक रवाना कराया गया, लेकिन चढ़ते दिन के साथ स्थानीय रूट के लिए बसों की कमी पड़ने लगी।
दोपहर 12 बजे आगरा, फर्रुखाबाद, इटावा के लिए बड़ी संख्या में यात्री खड़े रहे, लेकिन बस न मिलीं। लंबी दूरी से लौटकर पहुंची बसों में परिचालकों ने भीड़ देखकर दरवाजे बंद कर लिए। देर तक दरवाजों को खुलवाने का अनुरोध करने वाले यात्री व्यवस्था पर भड़क गए।
स्टेशन परिसर में विरोध और समस्या देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने परिचालकों से दरवाजे खुलवाकर महिला यात्रियों को वाहनों में सवार कराया। दिन भर यात्रियों को समस्या से जूझना पड़ा।
सिर्फ पूछताछ काउंटर खुला
शुक्रवार दोपहर तक सिर्फ पूछताछ काउंटर का ही संचालन कराया गया। शेष काउंटरों से जिम्मेदार गायब रहे। बसों का निर्धारित रूट प्लान न बनाए जाने के कारण अव्यवस्था हावी रही। रिजर्व रखी गई बसों को भी नहीं निकाला गया।
