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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बेटी के कन्यादान को बढ़ाए सेना के जवानों ने हाथ, साथी के निधन के बाद किया कन्यादान; आंखों से बहे आंसू

    Updated: Mon, 09 Dec 2024 07:29 AM (GMT+05:30)

    एक हृदयविदारक घटना में सेना के पूर्व सूबेदार देवेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई जिससे उनकी बेटी वर्षा की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं ...और पढ़ें

    सूबेदार पिता की मृत्यु के बाद उनकी बेटी का कन्या दान करते सेना के जवान। फोटो सौ. स्वजन
    सूबेदार पिता की मृत्यु के बाद उनकी बेटी का कन्या दान करते सेना के जवान। फोटो सौ. स्वजन

    HighLights

    1. सात दिसंबर की तय थी, कुछ दिन पहले ही सेना से वीआरएस ले लिया था
    2. सेना के पूर्व सूबेदार की पांच दिसंबर को सड़क हादसे में हुई थी मृत्यु

    संसू, जागरण, मांट/मथुरा। यह वह दृश्य था, जिसे देख हर आंख बहने लगे। बेटी की शादी से ठीक दो दिन पहले सेना के पूर्व सूबेदार पिता की सड़क हादसे मेें मृत्यु हो गई। पिता के निधन के बाद बेटी की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

    साथी सैनिक की मृत्यु की खबर असोम में उनके रेजिमेंट के जवानों को हुई। जिस साथी के साथ वर्षों नौकरी की, उसकी बेटी भी तो उनकी बेटी थी। सात दिसंबर को बेटी की बरात आई, तो रेजिमेंट के पांच जवान पहुंचे और बेटी का कन्यादान किया। पिता की याद फफक रही बेटी पर जब जवानों ने आशीर्वाद का हाथ रखा तो हर आंख से आंसू बह निकले।

    सेना के पूर्व सूबेदार की पांच दिसंबर को सड़क हादसे में हुई थी मृत्यु

    थाना मांट के गांव वकला निवासी देवेंद्र सिंह सेना में सूबेदार थे। उनकी तैनाती असोम में थी। उन्होंने अपनी एक बेटी वर्षा का रिश्ता मथुरा शहर में नवादा निवासी चंद्रवीर से तय किया था। शादी की तिथि भी सात दिसंबर की तय थी। देवेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले ही सेना से वीआरएस ले लिया था। वह बेटी की शादी तैयारी कर रहे थे। पांच दिसंबर की रात आठ बजे देवेंद्र अपने ममेरे भाई जयप्रकाश एवं उदयवीर निवासी झरोंठा बलदेव के साथ उनके गांव जा रहे थे। नंद की नगरिया के पास उनकी बाइक में ज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।

    असोम से पहुंचे जाट रेजिमेंट के पांच जवान, आंखों से बरसा पानी

    दुर्घटना में देवेंद्र सिंह व उदयवीर की मौके पर मृत्यु हो गई, जयप्रकाश घायल हो गए। जिस घर में बेटी की शादी की खुशियां छाईं थीं, पिता की मृत्यु से मातम पसर गया। ढोलक की थाप थम गई, मंगलगीतों की जगह चीखें गूंजने लगी। पूर्व सूबेदार की मृत्यु की सूचना असोम स्थित उनकी 20 जाट रेजिमेंट के जवानों को हुई। साथी की जगह बेटी का पिता बन जवानों ने खुद कन्यादान करने की ठान ली।

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    पांच जवान  पहुंचे, कन्यादान किया

    शनिवार शाम सेना से सूबेदार सोनवीर सिंह, सूबेदार मुकेश कुमार, हवलदार प्रेमवीर, विनोद और बेताल सिंह देवेंद्र सिंह के घर पहुंच गए। बोले, हम वर्षा का कन्यादान करना चाहते हैं। उन्होंने बेटी का कन्यादान किया। सेना की वर्दी में बेटी का कन्यादान हुआ, तो यहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसुओं की धारा बह चली। जवानों ने बेटी को आगे भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

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