यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bankebihari Corridor: चतुर्भुज आकार का बनेगा गलियारा, 250 करोड़ की संपत्तियों का मूल्यांकन, दायरे में कई मंदिर
Banke Bihari Corridor मंगला आरती पर दुर्घटना के बाद बनी योजना। दायरे में आएंगे कई मंदिर संपत्तियों का चिन्हांकन व मूल्यांकन करने को गठित ठीम के सदस्य ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, वृंदावन-मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित गलियारे के लिए मंगलवार से टीम ने संपत्तियों का मूल्यांकन शुरू कर दिया। मंदिर के अगल-बगल और पीछे करीब 25 मीटर का घेरा तैयार किया गया है। गलियारे के दायरे में करीब तीन सौ मकान आ रहे हैं। चतुर्भुज के आकार का गलियारा बनाया जाएगा। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद इन मकान और प्रतिष्ठानों को ध्वस्त किया जाएगा। एक मोटे अनुमान के मुताबिक, करीब इस दायरे में आने वाली संपत्तियों का मूल्यांकन करीब ढाई सौ करोड़ रुपये है। तीन से चार दिन में मूल्यांकन का कार्य पूरा होगा।
टीम ने फीता रखा तो मच गई खलबली
टीम ने फीता रखकर काम शुरू किया, तो आसपास रहने वाले लोगों में खलबली मच गई। टीम ने फीता रखा तो लोगों की धड़कनें तेज हो गईं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के विकास के लिए सरकार ने यहां पांच एकड़ क्षेत्रफल में गलियारा प्रस्तावित किया है। वृंदावन के अनंत शर्मा की ओर से दायर याचिका के जवाब ने सरकार ने अपनी योजना प्रस्तावित की है। हाई कोर्ट ने योजना को लेकर रिपोर्ट 17 जनवरी तक मांगी है। इसके पहले प्रशासन को संपत्तियों का मूल्यांकन करना है।
आठ सदस्यीय कमेटी का किया गठन
डीएम पुलकित खरे ने नगर आयुक्त अनुनय झा की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया है। मंगलवार से समिति ने काम शुरू कर दिया। समिति के सदस्य विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार, अपर नगर आयुक्त क्रांति शेखर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे, सीओ सदर प्रवीण मलिक, अपर जिलाधिकारी वित्त योगानंद पांडे, एसडीएम सदर, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर आरसी मिश्रा मंगलवार को वृंदावन पहुंचे। होटल शुभम मैजेस्टी में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसके बाद चिन्हांकन शुरू कर दिया।
ढाई सौ करोड़ की संपत्तियों का मूल्यांकन
एक अनुमान के मुताबिक, मंदिर के अगल-बगल और पीछे करीब 25 मीटर का दायरा रहेगा, जबकि आगे का हिस्सा काफी चौड़ारहेगा। जुगल घाट के पास परिक्रमा मार्ग से गलियारा शुरू होगा। करीब आधा दर्जन से अधिक कुंज गलियां भी इसके दायरे में होेंगी। गलियों की चौड़ाई करीब 12.50 से बीस फीट तक रहेगी। भूसंपत्तियों के आकलन के बाद बांकेबिहारी पुलिस चौकी पर भी आगे की रणनीति बनाई गई। एक अनुमान के मुताबिक यहां आने वाले संपत्तियों का मूल्यांकन करीब ढाई सौ करोड़ के आसपास पहुंचेगा। अगले तीन से चार दिन में मूल्यांकन का कार्य पूरा होगा।
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यहां किया चिन्हांकन
समिति के सदस्यों ने जुगलघाट से बांकेबिहारी मंदिर आने वाले मार्ग पर दोनों ओर 15-15 मीटर का चिन्हांकन किया। इसके साथ ही बांकेबिहारी मंदिर को केंद्र में रखते हुए 25 मीटर का सर्किल के लिए मूल्यांकन व चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसमें बिहारीपुरा, वीआइपी रोड, पुलिस चौकी के सामने गली, जंगलकट्टी, राधावल्लभ मंदिर की सीढ़ियों वाला रास्ता, कोयलिया घाट, सनेहबिहारी मंदिर गली, पुराना शहर के चौरीकरण का प्रस्ताव बनाया है।
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दायरे में आएंगे कई मंदिर
पांच एकड़ में प्रस्तावित गलियारे के दायरे में कई मंदिर भी आ रहे हैं। बांकेबिहारी मंदिर के आसपास घरों में भी काफी मंदिर बने हैं। अब टीम ये देख रही है कि कोई प्राचीन मंदिर तो इसकी चपेट में नहीं आ रहा है। उसका महत्व और पौराणिकता पता की जाएगी।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगला आरती पर हुआ था हादसा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात में होने वाली मंगला आरती के दौरान दुर्घटना में दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी, कई श्रद्धालु बीमार हो गए थे। इसे लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर हुई। इसमें सरकार ने पांच एकड़ क्षेत्रफल में गलियारा का प्रस्ताव हाई कोर्ट में दिया। हाई कोर्ट में सरकार से कार्य योजना मांगी है। सेवानिवृत्त जज सुधीर नारायण अग्रवाल से भी मंदिर की व्यवस्थाओं की रिपोर्ट मांगी थी। अब सरकार ने 17 जनवरी तक इसे लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी है।